गुजरात विधानसभा में वंदे मातरम् के 150 साल पर सीएम भूपेंद्र पटेल ने पेश किया संकल्प, बोले- यह गीत विकसित भारत के लिए प्रेरक बनेगा

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को विधानसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संकल्प पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से यह गीत अमृत काल में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए नया प्रेरक बल बनेगा।
Bhupendra Patel

गांधीनगर: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को राज्य विधानसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के गौरवशाली अवसर पर एक संकल्प प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह गीत अमृत काल में ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए एक नया प्रेरक बल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वंदे मातरम् की हर पंक्ति में भारत माता का अर्थपूर्ण भक्तिगान समाहित है। उन्होंने कहा कि भले ही इसकी रचना गुलामी के कालखंड में हुई हो, लेकिन इसका अर्थ और इसके शब्द आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और यह गीत कभी भी अपनी प्रासंगिकता नहीं खोएगा।

स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बना वंदे मातरम्

सीएम भूपेंद्र पटेल ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने राष्ट्रभक्ति और चेतना जगाकर स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया था। यह गीत इतना शक्तिशाली था कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की नींव हिल गई और उन्होंने इस पर प्रतिबंध लगा दिया।

उन्होंने सदन को बताया कि उस दौर में वंदे मातरम् गाने वालों पर कोड़े बरसाए जाते थे और उन्हें जेल में डाल दिया जाता था। इसके बावजूद, यह गीत स्वतंत्रता का जयघोष और लाखों देशवासियों के समृद्ध भारत के सपनों का मंत्र बन गया। कई जाने-अनजाने स्वतंत्रता सेनानी ‘वंदे मातरम्’ का नारा लगाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए।

“वंदे मातरम् गीत की ताकत ही इतनी है कि भले ही यह गुलामी के कालखंड में रचा गया हो, लेकिन इसके अर्थ और शब्द गुलामी की छाया तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि आज भी उतने ही सुसंगत और प्रासंगिक हैं कि यह वंदे मातरम् गीत कभी अप्रासंगिक नहीं होगा।”- भूपेंद्र पटेल, मुख्यमंत्री, गुजरात

मुख्यमंत्री ने गीत में भारत माता के विभिन्न रूपों का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्हें विद्यादायिनी सरस्वती, समृद्धि देने वाली मां लक्ष्मी और शत्रुओं का नाश करने वाली मां दुर्गा के रूप में वंदना की गई है। उन्होंने 1950 में संविधान सभा द्वारा इस गीत को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर दर्जा दिए जाने तक के रोमांचक इतिहास का भी जिक्र किया।

पीएम मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का पुनर्जागरण

भूपेंद्र पटेल ने कहा कि दशकों तक मां भारती का उचित सम्मान और गौरव उपेक्षित रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशवासियों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और ‘राष्ट्र प्रथम’ की चेतना फिर से जागी है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने ‘मेरी मिट्टी-मेरा देश’, ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियानों से जन-जन में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब दुश्मनों ने भारत को उकसाया, तो ‘बहुबलधारिणीं’ और ‘रिपुदलवारिणीं’ भारत माता ने अपने पराक्रम से उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर देशव्यापी समारोह के माध्यम से महान नायकों का पुण्य स्मरण करने का अवसर प्रदान किया है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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