गुजरात में ‘रीजनल वाइब्रेंट समिट’ और ‘एजेंडा 2035’ का ऐलान, कस्बों और गांवों के विकास पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ की शुरुआत की थी। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसका नया वर्जन पेश करने का ऐलान किया।
गुजरात में ‘रीजनल वाइब्रेंट समिट’ और ‘एजेंडा 2035’ का ऐलान, कस्बों और गांवों के विकास पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ की शुरुआत की थी, जिसने राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा और रफ्तार दी। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसका नया वर्जन पेश करने का ऐलान किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर में ध्वजारोहण के दौरान उन्होंने ‘रीजनल वाइब्रेंट समिट’ और ‘एजेंडा 2035’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब सरकार का फोकस केवल बड़े शहरों पर नहीं, बल्कि कस्बों और गांवों में औद्योगिक और समग्र विकास पर होगा।

कस्बों और गांवों के विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ की बदौलत राज्य उद्योगों के लिए वैश्विक प्रवेश द्वार बन चुका है। अब छोटे कस्बों और गांवों में भी विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए ‘रीजनल वाइब्रेंट समिट’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने शहरी विकास को लेकर कई नई योजनाओं की घोषणा की। इसके तहत 100 नगर-नियोजन (टीपी) योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी, ताकि छोटे शहरी केंद्रों का सुनियोजित विकास हो सके। साथ ही, एक लाख या उससे कम आबादी वाले 55 शहरों के लिए जीआईएस-आधारित विकास योजना (डीपी) तैयार की जाएगी। पोरबंदर, जो अब नगर निगम का दर्जा पा चुका है, के लिए भी ऐसी ही डीपी बनाई जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम उत्थान योजना’ शुरू करने की भी घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण इलाकों में समान और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि कस्बों, गांवों और छोटे शहरों में बुनियादी ढांचा, औद्योगिक सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाकर ही गुजरात का संतुलित विकास संभव है।

अपने भाषण में सीएम पटेल ने ‘एजेंडा 2035’ का भी खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि 2035 में गुजरात अपने गठन के 75 साल पूरे करेगा, और तब तक सरकार का लक्ष्य ‘संपूर्ण सरकार’ के आदर्श वाक्य के साथ समग्र विकास और जन-समर्थक शासन सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एजेंडा न केवल औद्योगिक प्रगति का रोडमैप है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण-शहरी संतुलन को साधने वाली दूरगामी योजना भी है।

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