सार्थक ऐप डाउनलोड नहीं करने पर तीन हॉस्पिटलों को कलेकटर ने किया बंद

सार्थक ऐप डाउनलोड नहीं करने पर तीन हॉस्पिटलों को कलेकटर ने किया बंद

गुना, गोविन्द जोगी
गुना कलेकटर कुमार पुरषोत्तम द्वारा सार्थक ऐप डाउनलोड नहीं करने पर गुुना में शहर के दो बड़े हॉस्पिटलों को बंद कर दिया गया है| बताया जाता है कि गुुना के पास से एक ग्रामीण इन दोनों हॉस्पिटलों में अपना इलाज कराने आया लेकिन इन हॉस्पिटलों में उस ग्रामीण का इलाज नहीं हो सका जिसके बाद में भोपाल पहुंचा जहां पर ग्रामीण पॉजिटिव पाया गया|

इसके बाद में इसी बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद गुुना कलेकटर कुमार पुरुषोत्तम ने हॉस्पिटलों पर कार्रवाई करते हुए शहर के बालाजी हॉस्पिटल एवं संजीवनी हॉस्पिटल व आशीर्वाद हॉस्पिटल को बंद कर दिया है| वही कलेकटर ने कहा है कि कल इस मामले में मैंने प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों से बात भी की है और कल इन संदर्भ में बैठक रखी गई है एवं उस बैठक के बाद सभी प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे और जो भी इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करेगा उस पर सख्त कार्रवाई की जावेगी|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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