पबजी गेम ने ली छात्र की जान, कल के पेपर की कर रहा था तैयारी

पबजी गेम ने ली छात्र की जान, कल के पेपर की कर रहा था तैयारी

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

पबजी गेम की लत ने एक छात्र की जान ले ली। छात्र दसवीं क्लास में पढ़ता था कल उसका पेपर भी था । जिसकी तैयारी कर रहा था लेकिन उसने कब और क्यों ये आत्मघाती कदम उठा लिया परिजन इसके बारे में कुछ नहीं जानते। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है।

हजीरा थाना क्षेत्र की लाइन नंबर 3 में रहने वाले दसवी के छात्र सुमित गुर्जर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुमित दसवी का छात्र था। वो तीन बार फेल हो चुका था और इस बार चौथा अटेम्प्ट था। कल उसका पेपर था जिसकी तैयारी कर रहा था। रात को वो पढ़ने कमरे में चला गया लेकिन पबजी गेम खेलने की लत के चलते वो दो बजे तक गेम खेलता रहा और सुबह जब परिजनों ने उसे उठाया तो उसका शव लटका हुआ मिला। अपने चिराग की मौत की खबर लगते ही माँ का बुरा हाल हो गया। पड़ोसी उसकी मदद के लिए और पुलिस को सूचना दी। जिसे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाया और शव को उतार कर पी एम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि बच्चे ने आत्महत्या क्योंकि ये जांच और पी एम रिपोर्ट के बाद पता चला चलेगा।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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