सिंधिया के बाद अब पूर्व मंत्री लाखन सिंह और इमरती देवी के ‘गुमशुदा पोस्टर’ वायरल

सिंधिया के बाद अब पूर्व मंत्री लाखन सिंह और इमरती देवी के ‘गुमशुदा पोस्टर’ वायरल

डबरा/सलिल श्रीवास्तव| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच पोस्टर पॉलिटिक्स (Poster Politics) से सियासत गरमाई हुई है| ग्वालियर में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के गुमशुदा होने के पोस्टर लगाए गए| इसके बाद भितरवार विधानसभा से विधायक और कांग्रेस सरकार में पशुपालन मंत्री रहे लाखन सिंह यादव (Lakhan Singh Yadav) का भी एक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया| जिसमें कहा गया है कि पिछले 3 महीने से संकट काल में लाखन सिंह घाटीगांव मोहना पर और पनिहार क्षेत्र की जनता के बीच नहीं दिखे जबकि वह पहले लाल बत्ती का रौब झाड़ते हुए आए दिन दिखाई देते थे उनको खोजने बाले को उचित ईनाम की घोषणा की गई|

लाखन सिंह यादव के पोस्टर के कुछ ही देर बाद एक पोस्टर फिर फ़ेसबुक पर वायरल हुआ जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया की खास समर्थक माने जाने वाली पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) का फोटो लगा था| यह पोस्टर भी डबरा क्षेत्र की जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है| इस पोस्टर में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत द्वारा ग्वालियर में लगाए गए ज्योतिरादित्य सिंधिया के पोस्टर में एडिट कर सिंधिया की जगह इमरती का फोटो लगा दिया गया है| फिलहाल ग्वालियर जिले में सुबह से ही पोस्टर राजनीति शुरू हो चुकी है जिसको लेकर अलग अलग बयानबाजी की जा रही है|

भाजपा ने किया पलटवार
जब इस संबंध में जिला ग्रामीण अध्यक्ष कौशल शर्मा से बात की तो उनका कहना था कि कांग्रेसियों की मानसिकता समझ से परे है कुछ दिन पूर्व भी उन्होंने इमरती देवी पर आरोप लगाए थे कि वह कोरोना काल में भी जनता के बीच जा रही हैं| उन पर कार्रवाई की जाए और आज वही कह रहे हैं कि वह गुमशुदा है हम ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेंगे| वही भाजपा के पूर्व नगर उपाध्यक्ष सत्येंद्र भार्गव का कहना है कि कांग्रेसी दोगली मानसिकता के साथ राजनीति कर रहे हैं कभी आरोप लगाते हैं कि कोरोना काल में भी जनता के बीच जाना जारी है तो कभी कह रहे हैं कि वह लापता है | इनकी कथनी और करनी क्या है यह समझ नहीं आ सकता इस प्रकार के कृत्य करने वाले कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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