शिव’राज’ में “कमलनाथ” के विज्ञापन, जवाबदेही से बच रहे जिम्मेदार

शिव’राज’ में “कमलनाथ” के विज्ञापन, जवाबदेही से बच रहे जिम्मेदार

ग्वालियर। अतुल सक्सेना|मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार और शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बने हैं करीब सवा सौ दिन हो गए लेकिन ग्वालियर के सरकारी मुलाजिम अभी भी कमलनाथ को ही अपना मुख्यमंत्री मानते हैं और उनके विज्ञापनों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस लापरवाही पर जिम्मेदार अपनी जवाबदेही से भी बच रहे हैं।

दरअसल ग्वालियर शहर में कई जगह प्रदूषण के स्तर की जानकारी देने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं जिन पर शहर के प्रदूषण, आर्द्रता, धूल के कण आदि की जानकारी प्रदर्शित की जा रही थी । बड़े साइज की स्क्रीन होने के कारण शहर के लोगों की निगाह इनपर अनायास जाती ही है। गुरुवार को जब लोगों की निगाह महाराज बाड़े पर पुलिस चौकी के नजदीक लगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बड़ी स्क्रीन पर पड़ी तो वे चौंक गए। उन्हें इस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के विज्ञापन चलते दिखाई दिये। लोगों ने बात मीडिया तक पहुंचाई तो ये पता लगाना मुश्किल हो गया कि आखिर ये स्क्रीन किसकी हैं। क्योंकि शहर में नगर निगम, स्मार्ट सिटी कंपनी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्क्रीन लगाई हुई है। सभी एक दूसरे पर टालते रहे। आखिर में मालूम चला कि ये बड़ी स्क्रीन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ही हैं।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एनपी सिंह से जब इस विषय में बात की तो उन्होंने कहा कि ये तो सेंटरलाईज सिस्टम है, भोपाल से चलता है, फिर कहने लगे कि स्क्रीन तो तीन महीने से खराब पड़ी हैं। जब हमने जोर देकर कहा कि हमारे पास आज की तस्वीर है तो कहने लगे कि स्क्रीन तो खराब है हमने ठीक करने वाले से सुधारने के लिए बोला था। हो सकता है सुधार रहा हो और ये कहते हुए फोन बंद कर दिया कि मैं अभी इसे ठीक करवाता हूँ। बहरहाल जब तक स्क्रीन बंद हुई तब तक हजारों लोगों की निगाह इसपर पड़ चुकी थी और लोग यही कह रहे थे कि पंद्रह साल की सरकार और फिर सवा सौ दिन पुरानी भाजपा सरकार के बाद भी मात्र 15 महीने की कमलनाथ सरकार से ऐसा क्या मोह कि अभी भी उसके विज्ञापन चलाये जा रहे हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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