शादी के पांच दिन बाद ही प्रेमी जोड़ा पहुंचा पुलिस के पास, ये है पूरा मामला

शादी के पांच दिन बाद ही प्रेमी जोड़ा पहुंचा पुलिस के पास, ये है पूरा मामला

Gwalior News : समाज आज भले ही कितनी तरक्की कर रहा है लेकिन जब लड़के लड़की की शादी की बात सामने आती है तो प्रगतिवादी विचारधारा एक दम से बदल जाती है, आज भी अधिकांश लोग अपने ही समाज और जाति में शादी करना पसंद करते हैं उन्हें अंतरजातीय विवाह यानि इंटरकास्ट मैरिज पसंद नहीं है और यदि कोई परिवार के खिलाफ ऐसा करता है तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ता है।

16 मार्च की किया प्रेम विवाह 

ताजा मामला ग्वालियर का है जहाँ शादी करने के बाद पांचवे दिन ही प्रेमी जोड़े को पुलिस की शरण लेनी पड़ी है। दरअसल ग्वालियर थाना क्षेत्र के किला गेट क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने अपने पड़ोस में ही रहने वाली लड़की से 16 मार्च को प्रेम विवाह रचा लिया, बड़ी बात ये है कि दोनों अलग अलग जाति और समाज से है।

लड़की के परिजनों पर धमकाने के आरोप  

परिजनों को जब अपने बच्चों के इस फैसले की जानकारी लगी तो वो आक्रोशित हो गए, लड़की के परिजनों ने लड़के और उसके  परिजनों को धमकाना शुरू कर दिया। परेशान प्रेमी जोड़ा आज पुलिस की जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर पहुँच गया, लड़की ने अपने परिजनों से जान का खतरा बताकर सुरक्षा की गुहार लगाई।

एडिशनल एसपी ने सीएसपी को किया निर्देशित 

जनसुनवाई में मौजूद एडिशनल एसपी ऋषिकेश मीणा ने उनका आवेदन लेने के बाद उसे ग्वालियर थाने के लिए मार्क कर दिया। उन्होंने कहा कि मैंने सीएसपी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में दोनों के परिवार वालों को बैठकर बात की जाये और उन्हें ये समझाया जाये कि दोनों बालिग हैं उन्हें कानून भी उनका फैसला लेने का अधिकार देता है। एडिशनल एसपी ने कहा कि यदि पुलिस सुरक्षा जैसी बात सामने आयेगी तो उसपर भी विचार किया जायेगा।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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