
Gwalior News : इंसान और पशु प्रेम किसी से छिपा नहीं है, फिल्मों के बड़े परदे पर इसे कई बार दिखाया भी गया है, इसमें सबसे ऊपर नाम आता है कुत्ता और घोड़े का। आज उसी प्रेम ने ना सिर्फ मालिक और घोड़े को मिलवा दिया बल्कि इनको दूर करने वाले अपराधियों को सलाखों के पीछे भी भेज दिया। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस की मुस्तैदी को प्रमाणित किया है साथ ही इस बात को भी मजबूती दी है कि पुलिस यदि चाहे तो अपराधी आसमान में छिपा हो या पाताल में, वो उसे ढूंढ ही निकालती है। आइये जानते है पूरी कहानी को ….
मामला ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र का है, जहाँ निम्बा जी की खोह जीवाजीगंज में रहने वाले उमेश शर्मा के घर में अस्तबल में बंधे घोड़ा घोड़ी को अज्ञात बदमाश 30- 31 जनवरी की रात खोलकर लोडिंग वाहन में चोरी कर ले गए, सुबह जब उमेश की नींद खुली और अपने जानवर उसे दिखाई नहीं दिये तो उसने आसपास तलाश की, फिर जब जानवर नहीं मिले उसने पुलिस ने शिकायत दर्ज कराई।

आजीविका का सहारा थे घोड़ा घोड़ी, घर में छाई मायूसी
उमेश शर्मा शादियों और अन्य कार्यक्रमों में बग्गी चलाते हैं, घोड़ा घोड़ी ही उनकी आजीविका का सहारा है, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए चोरी का मामला दर्ज किया और तलाश शुरू की। पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगाले तो आरोपी घोड़ा घोड़ी को ले जाते हुए दिखाई दिए।

कानपुर के मेले में बेच दिया घोड़ों को
जनकगंज थाना टी आई संतोष यादव ने कहा कि जब तफ्तीश आगे बढ़ाई गई तो चार आरोपी दिखाई दिए, ये पनिहार क्षेत्र के रहने वाले निकले, इन लोगों को पकड़कर जब पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि घोड़ा घोड़ी को कानपुर के मकनपुर के मेले में बेच दिया था जिसे हाथरस के व्यापारी ने ख़रीदा था।

मालिक के आवाज लगाते ही घोड़ों ने ऐसे किया रिस्पोंड
जानकारी हासिल होने के बाद पुलिस घोड़े के मालिक को साथ लेकर हाथरस लेकर गए, वहां अपने घोड़ों को देखकर उमेश की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, जानवर की जब्ती से पहले पुलिस ने इसे कन्फर्म करने के लिए मालिक और घोड़ों का टेस्ट लिया और मालिक ने जैसे ही घोड़ों का नाम लिया घोड़ों ने तुरंत कान हिलाकर और हिनहिनाकर रिस्पोंड किया जिससे साबित हो गया ये पालतू घोड़े उमेश शर्मा के ही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की हो रही तारीफ
पुलिस ने चारों आरोपियों अकरम, अमन, भूरा और अजय खान को गिरफ्तार कर लिया है, उनके कब्जे से घोड़ों की चोरी में प्रयुक्त लोडिंग वाहन को भी जब्त कर लिया है। घोड़ों के मिल जाने से जहाँ उमेश और उसके परिवार की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है बल्कि लोग पुलिस के इस काम की जमकर तारीफ कर रहे है, लोग कह रहे हैं कि पुलिस यदि चाहे तो अपराधी आसमान में छिपा हो या पाताल में, वो उसे ढूंढ ही निकालती है।
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

