100वीं जयंती पर अटल जी के मंदिर पर ग्वालियर में हुई विशेष पूजा, बच्चों ने किये भजन कीर्तन, कविता पाठ

आज 100वीं जयंती के अवसर पर विजय सिंह चौहान ने अटल जी के मंदिर पर विशेष पूजा अर्चना की, उन्होंने बच्चों से साथ मिलकर भजन कीर्तन किये, कविता पाठ किया।
Atal ji temple

Atal Bihari Vajpayee 100th birth anniversary: देश ने कई प्रधानमंत्री देखे, एक से बड़े एक बड़े नेता देखे, कवि, साहित्यकार देखे, लेकिन क्या किसी ने ये देखा कि उन शक्सियत के जीते जी कही कोई उसका मंदिर बना दे, शायद नहीं ..लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी एक मात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें जीते जी भगवान की तरह पूजा गया, उनके एक प्रशंसक के आज से करीब 25 साल पहले अटल का मंदिर अटल जी के ही शहर ग्वालियर में बनवाया जहाँ आज 100वीं जयंती पर विशेष पूजा की गई।

ग्वालियर में जन्मे, स्कूल से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा प्राप्त करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की बहुत से यादें आज भी लोगों की जुबान पर हैं, उन्हीं में से एक स्थान ऐसा है जहाँ अटल जी दोस्तों के साथ जाते थे और यहीं पर अटल जी के एक प्रशंसक ने उनका मंदिर बनवा दिया।

सत्य नारायण की टेकरी पर स्थित है अटल जी का मंदिर

सत्य नारायण की टेकरी पर स्थित इस मंदिर को एडवोकेट विजय सिंह चौहान ने बनवाया था, हिंदी प्रेमी एडवोकेट चौहान ने पहले यहाँ हिंदी माता मंदिर बनवाया फिर उसी मंदिर के पास हिंदी पुत्र के नाते अटल जी का मंदिर भी बनवा दिया, यहाँ नियमित पूजा होती है।

विशेष पूजा, कविता पाठ, भजन कीर्तन हुए

आज 100वीं जयंती के अवसर पर विजय सिंह चौहान ने अटल जी के मंदिर पर विशेष पूजा अर्चना की, उन्होंने बच्चों से साथ मिलकर भजन कीर्तन किये, कविता पाठ किया और नई पीढ़ी को अटल जी व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में बताया।

[dgv_vimeo_video id=”1042126490″]

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews