चौराहे पर शव रख कर चक्का जाम, पुलिस पर लगाए आरोपी को बचाने के आरोप

चौराहे पर शव रख कर चक्का जाम, पुलिस पर लगाए आरोपी को बचाने के आरोप

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर (Gwalior) के सिरोल (Sirol)थाना क्षेत्र में रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली से हुई दुर्घटना में मृत युवक के परिजनों ने आज गोला का मंदिर चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जो FIR की है उसमें ना ट्रैक्टर चालक का नाम है और न ही गाड़ी का नंबर। उन्होंने पुलिस पर आरोपी को बचाने के आरोप लगाए।

जानकारी के अनुसार रविवार को सिरोल थाना क्षेत्र में रेत से भरी एक ट्रैक्टर ट्राॅली (Tractor trolley) चालक ने सड़क पर जा रहे मोटर साइकिल सवार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मोटर साइकिल चला रहा युवक मुकुल पटवा उछलकर सड़क पर गिर पड़ा। दुर्घटना की सूचना पर सिरोल थाना पुलिस (Police)मौके पर पहुंची और घायल मुकुल को अस्पताल में भर्ती कराया जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया।

लेकिन परिजन शव को ले जाते समय रास्ते में आक्रोशित हो गए और पहले उन्होंने धर्मवीर पेट्रोल पंप भिंड रोड पर शव रखकर चक्का जाम किया फिर गोले का मंदिर चौराहे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि पुलिस आरोपी को बचने का कामा कर रही है उसने जो FIR की है उसमें ना ट्रैक्टर चालक का नाम है और ना ट्रैक्टर का नंबर है तो आरोपी कैसे पकड़ में आएगा।

चक्का जाम की सूचना पर पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समझाया कि ट्रैक्टर और उसका चालक दोनों पुलिस थाने में है, आप खुद थाने में जहकर देख सकते हैं, आरोप गलत हैं पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। पुलिस की समझाइश के थोड़ी देर बाद परिजनों ने जाम खोल दिया और शव को लेकर चले गए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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