सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही 19 अधिकारियों पर पड़ी भारी, कलेक्टर ने 3-3 दिन का वेतन काटने के जारी किए आदेश

कलेक्टर रुचिका चौहान ने वेतन काटने के आदेश जारी करने के साथ-साथ इन सभी को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि भविष्य में सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण में पूरी सतर्कता बरतें व उत्तरदायित्व का निर्वहन करें।
CM Dr. Mohan Yadav

शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाये, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के भी निर्देश हैं कि सीएम हेल्प लाइन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी बावजूद इसके कुछ अधिकारी इन आदेशों को लेकर गंभीर नहीं हैं, ऐसे ही 19 अधिकारियों पर ग्वालियर कलेक्टर ने एक्शन लिया है।

सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर दर्ज  शिकायतों को अटेंड नहीं करना 19 अधिकारियों को भारी पड़ा है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने इन सभी अधिकारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के लिये अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई अक्टूबर माह में प्राप्त हुईं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के आधार पर एल-1 स्तर के अधिकारियों के खिलाफ विधिवत नोटिस जारी कर की गई है।

इन अधिकारियों का वेतन काटने के निर्देश 

जिन 19 अधिकारियों का 3-3 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं, उनमें रीजनल मैनेजर संस्थागत वित्त प्रियंका बंसल, रवि रंजन, अफाक मंसूरी, प्रत्यूष श्रीवास्तव, अजय सिंह, देवेन्द्र पाल सिंह व शंकरानंद झा, नगर निगम के सीवर सेल के सहायक यंत्री केसी अग्रवाल, उप प्रबंधक विद्युत वितरण कंपनी आशीष कुमार रोशन, सहायक यंत्री विद्युत तानसेन नगर महेन्द्र सिंह कौशल, उप प्रबंधक विद्युत करहिया विपिन कुमार उइके, सहायक महाप्रबंधक संस्थागत वित्त नितेश कुमार सिन्हा, नोडल अधिकारी विक्रांत विश्वविद्यालय धीरज सेन, सहायक संपत्ति अधिकारी नगर निगम अजय जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पिछोर पियूष श्रीवास्तव, रीजनल मैनजर इण्डसंड बैंक संस्थागत वित्त सचिन गुजराती, पशु चिकित्सा अधिकारी मुरार डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, आंचलिक प्रबंधक संस्थागत वित्त विकास रंजन व भवन निरीक्षक स्थायी अतिक्रमण नगर निगम छाया यादव शामिल हैं।

कलेक्टर ने अधिकारियों को दी चेतावनी 

कलेक्टर रुचिका चौहान ने वेतन काटने के आदेश जारी करने के साथ-साथ इन सभी को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि भविष्य में सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण में पूरी सतर्कता बरतें व उत्तरदायित्व का निर्वहन करें। साथ ही शासन के द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करते हुए निराकरण सुनिश्चित करें।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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