“कंगना” के बहाने कांग्रेस का “सिंधिया” पर अटैक, दिया आमंत्रण, कहा – गद्दार कौन जनता को बताएं

“कंगना” के बहाने कांग्रेस का “सिंधिया” पर अटैक, दिया आमंत्रण, कहा – गद्दार कौन जनता को बताएं

ग्वालियर,  अतुल सक्सेना।  सुशांत सिंह राजपूत केस में न्याय की मांग कर और फिर महाराष्ट्र सरकार द्वारा ऑफिस तोड़े जाने के बाद पूरे देश की निगाह में बस चुकी अभिनेत्री कंगना रनौत की एंट्री एमपी में भी हो रही है। चौंकिए नहीं, यहाँ कोई विवाद नहीं है बल्कि कांग्रेस ने उन्हें आमंत्रण भेजा है और कहा है कि उन्होंने अपनी फिल्म में जिस सिंधिया को राष्ट्रद्रोही कहा था उसको एकबार ग्वालियर में आकर भी बताएं।

दरअसल 27 सीटों पर प्रस्तावित उप चुनावों की तारीखों का एलान कभी भी चुनाव आयोग कर सकता है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर बयानों से, भाषणों से और ट्वीट कर हमलावर हैं। इसी क्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं ग्वालियर चंबल संभाग के मीडिया प्रभारी केके मिश्रा ने एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोला है।

केके मिश्रा ने ट्वीट कर और वीडियो मैसेज जारी कर लिखा कि “कंगना रनौत जी, मणिकर्णिका में झांसी की रानी के रूप में आपने ” सिंधिया को राष्ट्रद्रोही” बता ऐतिहासिक तथ्य को नवाजा है, हर पल रंग बदलने वाले शिवराज सिंह चौहान अब अपने बगल में बैठाकर उन्हें “देश भक्त” बता रहे हैं। आप आमंत्रित हैं ग्वालियर, नारी शक्ति के सम्मान का इंतजार इस भूमि को भी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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