VIDEO: कांग्रेस प्रत्याशी के बिगड़े बोल, महिला मंत्री से पूछा पति कौन.?

VIDEO: कांग्रेस प्रत्याशी के बिगड़े बोल, महिला मंत्री से पूछा पति कौन.?

डबरा, यशवंत श्रीवास्तव | जिले की डबरा विधानसभा सीट (Dabra Assembly Seat) से उपचुनाव (Byelection) के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेश राजे (Suresh Raje) ने बेहद विवादास्पद बयान दिया है। दरअसल सुरेश राजे प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री और बीजेपी की डबरा सीट से संभावित प्रत्याशी इमरती देवी (Imarti Devi) के दूर के रिश्तेदार हैं ।

कुछ पत्रकारो ने जब उनसे पूछा कि उनकी उनसे क्या रिश्तेदारी है तो उन्होंने कहा कि यह सब छोड़िए । इमरती देवी के बारे में बताइए । क्या 10 साल में कभी आपने उनके पति को देखा है। कभी उनके पति की फोटो आपने देखी है ।पति बहुत सम्मानजनक पद होता है। कम से कम उनको उनके बारे में जानकारी तो देना चाहिए। इमरती के बारे में दिए गए इस बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है ।

प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा (Neha Bagga) का कहना है कि यह तंदूर कांड संस्कृति वाली कांग्रेस है जो कभी महिलाओं को ‘टंच माल’ कहती है तो कभी महिलाओं के ऊपर और किसी तरह के आक्षेप लगाती है। ऐसी पार्टी जिसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद महिला है लेकिन महिलाओं का सम्मान दूर-दूर तक नहीं और राज्य की जनता ऐसे महिलाओं का अपमान करने वालों को इस चुनाव में कड़ा जवाब देगी। हालांकि सुरेश राज्य का यह बयान खुद उनके लिए भी मुसीबत बन सकता है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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