“कांग्रेस MLA बोल रहा हूँ, कार्यकर्ता का बंदूक का लाइसेंस बनाने में HELP करें”

“कांग्रेस MLA बोल रहा हूँ, कार्यकर्ता का बंदूक का लाइसेंस बनाने में HELP करें”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो टी आई को फोन कर बोल रहा था कि “मैं विधायक पाठक बोल रहा हूँ, एक कार्यकर्ता का बंदूक का लाइसेंस बनना है आप उसकी मदद कीजिये” । टी आई को संदेह हुआ तो उन्होंने विधायक को फोन लगाया और फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया और फिर टी आई ने युवक को बहाने से थाने बुलाया और गिरफ्तार कर लिया।

महाराजपुरा थाने के टी आई आसिफ मिर्जा बेग के मुताबिक 8 जनवरी को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ग्वालियर दक्षिण विधानसभा का कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक बताया और कहा कि उनके कार्यकर्ता सत्यभान गुर्जर का बंदूक का लाइसेंस बनना है वो आपके पास आया है वे स्वीकृत कर दीजिये। टी आई को लगा विधायक का ही फोन है उन्होंने एक दो दिन में आवेदन पर हस्ताक्षर करने की बात कही। अगले दिन फिर से उसी नंबर से फोन आया तो टी आई को शक हुआ तो उन्होंने विधायक पाठक को खुद फोन लगाकर बात की तो विधायक ने किसी भी तरह के फोन से इंकार कर दिया। इसके बाद टी आई ने आवेदन को निरस्त कर एसपी ऑफिस भेज दिया। टीआई ने फिर फोन करने वाले फर्जी विधायक से कहा कि कार्यकर्ता को भेज दो उसके सामने ही हस्ताक्षर कर देंगे। थोड़ी देर बाद एक युवक थाने पहुंचा उसने अपना परिचय सत्यभान गुर्जर के रूप में दिया और कहा कि विधायक जी ने भेजा है। टी आई ने उसके सामने जैसे ही विधायक पाठक को फोन लगाया सत्यभान घबरा गया। फर्जीवाड़ा सामने आते ही वो यहाँ वहाँ देखने लगा। पुलिस नेउसे गिरफ्तार कर लिया। सत्य भान ने बताया कि वो वो ठेकेदार है और कांग्रेस कार्यकर्ता है। पुलिस उससे पूछ ताछ कर रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews