पांच घंटे की मशक्कत, 47 गाड़ी फायर ब्रिगेड ने बुझाई शू फैक्ट्री की आग, करोड़ों का नुकसान

पांच घंटे की मशक्कत, 47 गाड़ी फायर ब्रिगेड ने बुझाई शू फैक्ट्री की आग, करोड़ों का नुकसान

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर के तानसेन नगर इंडस्ट्रियल एरिया में जूता फैक्ट्री में लगी भीषण आग (fire in shoe factory) पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड ने 5 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया। आग में पूरी फैक्ट्री स्वाहा हो गई, करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है। अच्छी बात ये रही कि इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई। अंदर फंसे 12 मजदूरों को बचाव दल ने सुरक्षित बचा लिया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट  बताया गया है। प्रशासन को फैक्ट्री में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला। नगर निगम वैधानिक कार्यवाही की बात कह रही है।

ग्वालियर में आज शनिवार को तानसेन नगर इंडस्ट्रियल एरिया में उस समय हड़कंप मच गया जब वहां स्थित प्रियंका पॉलिमर्स में लोगों ने आग (fire in gwalior) की लपटें और धुंआ उठता देखा। आग की सूचना से अफरा तफरी मच गई। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।  आग में कुछ मजदूर फंसे होने की जानकारी सामने आते ही लोगों का तनाव बढ़ गया।

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अग्निकांड की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाना शुरू किया। फायर ब्रिगेड की अलग अलग टीमों ने काम शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर फंसे 12 मजदूरों को एक एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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नगर निगम उपायुक्त अतिबल सिंह यादव ने बताया कि आग बुझाने ने 5 घंटे का समय लगा, हमने 47 गाड़ी फेंका।  पास में और भी फैक्ट्रियां थी इसलिए हमारे लिए चुनौती थी। उन्होंने कहा कि हमने दो गाड़ियां यहाँ छोड़ दी हैं। उन्होंने बताया कि प्रियंका पॉलिमर्स में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला। फैक्ट्री अमित सोनी “जोगी” की बताई गई है।  नगर निगम अब फैक्ट्री मालिक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करेगी।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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