ग्वालियर में दिनदहाड़े लॉ कॉलेज के गेट से छात्रा का अपहरण! पुलिस ने की नाकाबंदी

पुलिस छात्रा के परिजनों और कॉलेज के दोस्तों से पूछताछ कर रही है। आसपास के CCTV कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि कार का नंबर और बदमाशों की पहचान हो सके।
Law college Girl student kidnapped in Gwalior

Law college Girl student kidnapped in Gwalior

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दिनदहाड़े लॉ कॉलेज की छात्रा के अपरहरण की खबर से सनसनी फ़ैल गई प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक सफेद रंग की कार में आये युवकों ने एक छात्रा को जबरन उठाया और कार में खींचकर ले गए, घटना थाना क्षेत्र की है घटना के बाद शहर में नाकाबंदी कर दी गई है, इस घटना में एक तरफ़ा प्यार का एंगल भी सामने आ रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कैंसर पहाड़िया पर स्थित महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ लॉ की बीएएलएलबी की छात्रा ख़ुशी जादौन अपनी सहेलियों के साथ बाहर निकल रही थी, वो गेट से कुछ दूरी पर ही पहुंची थी कि वहां पहले से खड़ी एक सफ़ेद रंग की बलीनो कार में बैठे दो युवकों में से एक नीचे उतरा उसने छात्रा को खींचा और कार में धक्का देकर बैठा लिया और कार भगा ले गए।

कार में जबरन ले गए छात्रा को, लव एंगल की भी चर्चा 

कॉलेज के गेट से छात्रा के अपरहरण की सूचना कॉलेज प्रबंधन को म्मिली तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सूचित किया, छात्रा के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लोगों ने बताया कि एक बिना नंबर की सफ़ेद कार बहुत देर से कॉलेज गेट से कुछ दूरी पर बहुत देर से खड़ी थी और लड़की के बाहर आते ही उसे उठा ले गई , उधर चर्चा ये भी है कि ये अपहरण एकतरफा प्यार का नतीजा है ।

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल 

सीएसपी हिना खान का कहना है सूचना के बाद पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी है, अपहरण करने वाले जल्दी ही पकडे जायेंगे, उन्होंने ये भी बताया कि दोनों परिवार एक दूसरे को जानते है इस लड़के की पहले भी शिकायत हो चुकी है, पुलिस इसमें लव एंगल के हिसाब से भी जानकारी जुटा रही है, बहरहाल दिन दहाड़े एक कॉलेज की छात्रा को उठाकर ले जाना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े जरुर कर रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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