Gwalior Anti Encroachment Campaign : जेसीबी के सामने बैठे कांग्रेसी, किया विरोध, प्रशासन ने दिया दो दिन का समय

Gwalior Anti Encroachment Campaign : जेसीबी के सामने बैठे कांग्रेसी, किया विरोध, प्रशासन ने दिया दो दिन का समय

Gwalior Anti Encroachment Campaign : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) की विधानसभा में चल रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम के विरोध में कांग्रेस आज एक बार फिर आक्रोशित दिखाई दी। प्रशासन ने पिछले दिनों नोटिस देकर लोगों से अपने हाथ से अतिक्रमण हटाने की अपील की थी जिसकी अवधि खत्म होने के बाद आज फिर जैसे ही प्रशासन ने तुड़ाई शुरू की कांग्रेस के नेता जेसीबी के सामने आ गए और कार्यवाही का विरोध करने लगे। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने कार्यवाही को फ़िलहाल रोक दिया।

यह शनिवार को ग्वालियर जिला प्रशासन के नेतृत्व में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमला ग्वालियर विधानसभा में पहुंचा और चिन्हित किये गए अतिक्रमण हटाना शुरू किया कांग्रेस नेता विरोध करने पहुंच गए। प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुर्दाबाद के नारे लगाए और जेसीबी मशीन के सामने बैठ गए और मनमानी तुड़ाई का विरोध करने लगे।

ग्वालियर पूर्व विधानसभा के विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार भी प्रशासन की कार्यवाही का विरोध करने अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए।  उन्होंने कहा कि प्रशासन ने आतंक और भय का माहौल बना दिया है। सेवा नगर से किला गेट तक लोगों के घरों में चूल्हा नहीं जल रहा, लोग भय के साये में जी रहे हैं फिर भी प्रशासन उनको डरा रहा है।

उधर प्रशासन ने विरोध को देखते हुए कार्यवाही को फ़िलहाल रोक दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम प्रदीप तोमर ने कहा कि हम खुद जितनी जरुरत है उतना ही तोड़ रहे हैं, जनता को खुद अपने हाथ से चिन्हित अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है और जनता हमारा सहयोग कर रही है। हमने जनता के कहने पर दो दिन का और समय दिया है, नगर निगम के कर्मचारी यहाँ सहयोग के लिए मौजूद रहेंगे फ़िलहाल जेसीबी को रोक दिया है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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