ग्वालियर सेन्ट्रल जेल में वसूली! अधीक्षक को धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश, पुलिस में शिकायत दर्ज

ग्वालियर सेन्ट्रल जेल अधीक्षक विदित सरवैया ने वीडियो मामले में निलंबित प्रहरी पवन शर्मा और पूर्व बंदी ऋषिपाल सिंह बघेल पर आरोप लगाये हैं और उनकी नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
ग्वालियर सेन्ट्रल जेल में वसूली! अधीक्षक को धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश, पुलिस में शिकायत दर्ज

Gwalior Central Jail

सोशल मीडिया पर वसूली के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, दावा किया जा रहा है कि वीडियो ग्वालियर सेन्ट्रल जेल के  अन्दर के हैं, आरोप लगाया गया है कि जेल में करोड़ों की वसूली होती है और इसका हिस्सा डीजी और मंत्री तक जाता है, खास बात ये है कि इस मामले में जेल अधीक्षक को भी धमकी मिली है और ब्लैक मेल करने की कोशिश की गई, अधीक्षक ने इसकी शिकायत बहोड़ापुर पुलिस थाने में की है।

जेल अधीक्षक विदित सरवैया ने मीडिया को बताया कि उनके व्हाट्स एप पर 7 जून को कुछ वीडियो आये फिर कॉल आया और कॉल करने वाले ने देख लेने की धमकी दी, उसके बाद कॉल करने वाले ने व्हाट्स एप मैसेज शुरू किये धमकी दी, मुझे संदेह हुआ तो मैंने अगले दिन 8 जून को एसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह को इसकी जानकारी दी।

व्हाट्स एप मैसेज पर धमकी दी, पैसे मांगे, ब्लैकमेलिंग का प्रयास 

धमकी देने वाले ने उन्हें लगातार व्हाट्स एप मैसेज भेजने शुरू किये उसने लिखा फ्री होकर मैसेज करो अर्जेंट है, फिर  मैंने उससे उसका मोटिव जानने की कोशिश की और मैसेज का जवाब दिया तो उसने लिखा आप अपने भरोसे का आदमी और ग्वालियर के नेताजी बताओ  क्योंकि बिना भरोसे के कुछ नहीं होगा, आपका नुकसान हम नहीं चाहते , आपके नुकसान के लिए बहुत लोग लगे हैं, ज्यादा दिमाग नहीं लगाओ बस कुछ साथ में भेजना आप, फिर जब मैंने पूछा क्या? तो उसने पांच (पांच उँगलियां) का इमोजी बनाकर भेज दिया।

जेल अधीक्षक ने निलंबित प्रहरी और पूर्व बंदी पर जताया शक 

जेल अधीक्षक ने बताया कि वो सिर्फ व्हाट्स एप मैसेज भेज रहा था और डिलीट कर रहे था लेकिन मैंने इसके स्क्रीन शॉट्स ले लिए, उन्होंने कहा इसके पीछे निलंबित प्रहरी पवन शर्मा है वो जाँच से बचने के लिए दबाव बनाने के लिए ये कर रहा है उसके साथ पूर्व बंदी ऋषिपाल सिंह बघेल शामिल है जिसका काम ही ब्लैकमेलिंग है, उन्होंने बताया कि मैंने बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, टीआई बहोड़ापुर ने कहा कि शिकायत आई है वीडियो भी आये हैं मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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