ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर का एक्शन, लापरवाह अधिकारी निलंबित, सफाईकर्मियों की सेवाएं समाप्त, कर्मचारियों को नोटिस, वेतन काटा

ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने प्रभारी जोनल हेल्थ ऑफिसर को निलंबित कर दिया है सफाई कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी है इसके अलावा उन्होंने 14 सफाई कर्मियों का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
Gwalior Municipal Corporation

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ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने बड़ा एक्शन लेते हुए स्वच्छता कार्य में लापरवाही करने पर जोनल स्वास्थ्य अधिकारी को निलंबित कर दिया है वहीं अनियमितता और लापरवाही करने वाले कई सफाईकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, कई को नोटिस जारी किये हैं और कई कर्मचारियों के वेतन काटने के आदेश दिए हैं।

ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर ने स्वच्छता, सीवर सफाई, पेयजल उपब्धता, कचरे का निष्पादन जैसी बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए है बावजूद इसके कई अधिकारी और कर्मचारी कमिश्नर के आदेश को गंभीरता से नहीं ले रहे आज ऐसे ही कई कर्मचारियों को इसकी सजा मिली है

अपर आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 24 अप्रैल 2026 को किए गए निरीक्षण में शहर के वार्ड क्रमांक 02 और 03 में व्यापक गंदगी और कचरे के ढेर पाए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य मार्गों पर कचरे का जमाव, गंदगी और संत कृपाल  आश्रम के पास नाले में कचरा भर जाने के कारण ओवरफ्लो की स्थिति सामने आई। इससे सड़कों पर गंदा पानी बहता पाया गया, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

प्रभारी जोनल हेल्थ ऑफिसर निलंबित 

इस संबंध में क्षेत्र क्रमांक 07 (अ) के प्रभारी जोनल हेल्थ ऑफिसर जीतू जादो को पूर्व में 4 फरवरी 2026 और 21 अप्रैल 2026 को सूचना पत्र जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। निगमायुक्त संघ प्रिय ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जीतू जादो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सफाई कर्मियों की सेवाएं समाप्त, कई को नोटिस

कमिश्नर के आदेश पर कार्य में अनियमितता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच में शिकायत सही पाए जाने पर वार्ड क्रमांक 20 के विनियमित सफाई कर्मी एवं तत्कालीन वार्ड हेल्थ ऑफिसर अनिल छात्ररे की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

लंबे समय से ड्यूटी से गायब कर्मचारियों की जाँच शुरू 

उधर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ वैभव श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले कई नियमित सफाई कर्मियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है। इनमें वार्ड 04 के नरेश, वार्ड 12 के सुनील, वार्ड 14 के सोनू, वार्ड 21 के कुणाल व रजत, वार्ड 52 के विनोद और वार्ड 55 के मनोज शामिल हैं।

आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाया 

निगम प्रशासन ने वार्ड 06 के आउटसोर्स सफाई श्रमिक लक्ष्मणऔर वार्ड 60 के सोनू जो लंबे समय से अनुपस्थित थे, उनकी सेवाएं समाप्त कर संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को वापस भेज दिया गया है। वार्ड 64 के विनियमित सफाई कर्मी पवन को भी बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।

लापरवाही पर पांच दिन का वेतन काटा 

सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई करते हुए वार्ड 27, 29, 40 और 55 के कुल 14 सफाई कर्मियों का पांच दिन का वेतन काटा गया है, क्योंकि उन्होंने कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया था।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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