Gwalior News : शहर में स्वच्छता देखने निकले कलेक्टर खुद करने लगे ऐतिहासिक जनक ताल में श्रमदान, लोगों को दिलाई शपथ

Gwalior News : शहर में स्वच्छता देखने निकले कलेक्टर खुद करने लगे ऐतिहासिक जनक ताल में श्रमदान, लोगों को दिलाई शपथ

Gwalior News : ग्वालियर शहर को स्वच्छता में नंबर एक पर लाने के प्रयास में जिला प्रशासन जुटा हुआ है, कुछ समय पहले ही ग्वालियर जिले की कमान संभालने वाले कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और नवागत नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह स्वच्छता अभियान की हकीकत जानने इन दिनों खुद निकल रहे हैं और लोगों को सफाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह आज शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने खुद निकले उनके साथ नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह और निगम के अन्य अधिकारी भी शामिल थे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों के साथ शहर की सफाई व्यवस्था देखी , शहर की सफाई कर रहे सफाई मित्रों को देखकर वे रुके और उनसे बात की।

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने एक महिला सफाई मित्र उसकी ड्यूटी पूछी और उससे कहा कि सुबह जल्दी आओ और सफाई करो तो कई फायदे हैं। कलेक्टर ने कहा कि सुबह जल्दी  सफाई के लिए निकलने से ट्रैफिक भी कम रहता है , लोगों का आना जाना कम रहता है और ताज़ी स्वच्छ हवा मिलने से हमारा स्वस्थ भी ठीक रहता है।

कलेक्टर और निगम कमिश्नर ने शहर के लोगों से सफाई व्यवस्था में सहयोग देने की अपील की, उन्होंने निवेदन किया कि कचरा, निगम के कचरा वाहन में ही डाले और ऊपर से तो बिलकुल ना फेंकें, यदि आप मल्टी में रहते हैं या दो तीन मंजिला मकान में रहते हैं तो कृपया नीचे उतरकर आयें और कचरा वाहन में ही कचरा डालें।

सफाई व्यवस्था देखने निकले कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह ऐतिहासिक जनक ताल पहुंचे यहाँ ताल में गन्दगी देखकर उन्होंने नाराजी जताई और खुद श्रमदान करने उतर गए, उन्होंने ताल के पास जमा सूखा कचरा और गन्दगी हाथों से उठाई। कलेक्टर के साथ इस  मौके पर ब्रह्माकुमारी आश्रम के लोगों ने भी श्रम दान किया, कलेक्टर ने जनक ताल के आसपास रहने वाले लोगों से इसे साफ़ रखने की अपील करते हुए स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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