Gwalior News : सख्ती के बाद कंट्रोल रूम पहुंची 150 खुले बोरवेल की जानकारी, प्रशासन की टीम ले रही एक्शन

14 अप्रैल को मयंक की मौत के बाद 16 अप्रैल को ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने दो कंट्रोल रूम गठित किये और जिलेवासियों से अपील की कि उन्हें कहीं से भी खुले बोरवेल की जानकारी मिले तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम पर दे, जिससे किसी बच्चे की जान बच सकती है, शहर के लोग भी इस पुण्य काम में लग गए और 24 अप्रैल तक 150 खुले बोरवेल की जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचा दी जिला प्रशासन अब इन खुले बोरवेल को भरने का काम कर रहा है।
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Gwalior News : पिछले दिनों रीवा जिले के मनिका गाँव में एक खेत में खुले पड़े बोरवेल में गिरकर हुई 6 साल के मासूम मयंक की मौत के बाद सरकार सख्त हो गई है, सरकार ने खुले बोरवेल की जानकारी इकट्ठा कर इसे तुरंत बंद करने के आदेश दिए, ग्वालियर जिला प्रशासन ने लोगों से खुले बोरवेल की जानकारी साझा करने के लिए अपील की और दो कंट्रोल रूम बनाये जिसमें चंद दिनों में ही 150 खुले बोरवेल की शिकायतें आई जिन पर तत्काल एक्शन लेते हुए प्रशासन अब उन्हें बंद करा रहा है।

ग्वालियर जिले में सामने आये 150 खुले बोरवेल 

14 अप्रैल को मयंक की मौत के बाद 16 अप्रैल को ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने दो कंट्रोल रूम गठित किये और जिलेवासियों से अपील की कि उन्हें कहीं से भी खुले बोरवेल की जानकारी मिले तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम पर दे, जिससे किसी बच्चे की जान बच सकती है, शहर के लोग भी इस पुण्य काम में लग गए और 24 अप्रैल तक 150 खुले बोरवेल की जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचा दी जिला प्रशासन अब इन खुले बोरवेल को भरने का काम कर रहा है।

जनपद पंचायतों, नगर पालिका एवं नगर परिषद के यहाँ दे सकते हैं जानकारी 

पीएचई के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जिले की समस्त जनपद पंचायतों, नगर पालिका एवं नगर परिषद के लिए गठित कंट्रोल रूम के प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी जिला समन्वयक पीएचई अंकुर जैन को सौंपी गई है, उनका मोबाइल फोन नम्बर 9907687590 है।

नगर निगम सीमा के लिए इस अधिकारी के पास दायित्व 

इसी तरह नगर निगम ग्वालियर के लिए गठित कंट्रोल रूम के प्रभारी अधिकारी का दायित्व उपयंत्री जल प्रदाय उपेन्द्र पहाड़िया को सौंपा गया है। इनका मोबाइल फोन नम्बर 9425111282 है। यदि किसी के संज्ञान में कोई खुला नलकूप हो तो कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दे सकता है।

इन दोनों कंट्रोल रूमों में दूरभाष व वॉट्सएप इत्यादि के माध्यम से आम जन से खुले नलकूपों व कुँओं के संबंध में प्राप्त सूचनाओं व शिकायतों की जानकारी कंट्रोल रूम प्रभारी प्रतिदिन संकलित कर कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड ग्वालियर को उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यपालन यंत्री द्वारा संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर इन समस्याओं व शिकायतों का निराकरण कराया जा रहा है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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