Gwalior News : एक्शन में प्रशासन, संपत्ति विरुपण अधिनियम के तहत हटाये पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, दीवारों पर लिखे विज्ञापनों को मिटाया

Gwalior News : एक्शन में प्रशासन, संपत्ति विरुपण अधिनियम के तहत हटाये पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, दीवारों पर लिखे विज्ञापनों को मिटाया

Gwalior News : सोमवार 9 अक्टूबर 2023 को विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है, जिला प्रशासन के अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के तहत एक्शन मोड में आ गए हैं। ग्वालियर नगर निगम ने शहर में लगे नेताओं के होर्डिंग, बैनर, पोस्टर हटाने शुरू कर दिए हैं साथ ही दीवारों पर राजनीतिक दलों के विज्ञापनों को पुताई कर मिटाना शुरू कर दिया है।

नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह के निर्देश पर नगर निगम का अमला कल से ही होर्डिंग बैनर, पोस्टर हटाने के काम में लग गया है।  नगर निगम के विज्ञापन शाखा एवं मदाखलत अमले द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की। शहर के प्रमुख चौराहों एवं मुख्य मार्गों की साईड दीवारों पर नियम विरुद्ध लगे पोस्टर, बैनर एवं होर्डिंग को हटाने के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है।

नगर निगम की टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों स्टेशन चौराहा, पड़ाव चौराहा, फूलबाग चौराहा, गुरूद्वारा चौराहा, नदी गेट चौराहा, इंदरगंज चौराहा, दौलतगंज होते हुये महाराज बाड़ा, हेमू कालानी चौक, के.आर.जी. कॉलेज चौराहा, जे.ए.एच. चौराहा, मेडीकल सभागार, चेतकपुरी, राजमाता सिंधिया चौराहा, गोला का मंदिर चौराहा, बारादरी चौराहा, 7 नम्बर चौराहा, किलागेट, थाटीपुर चौराहा सहित सभी सड़कों के आसपास लगे होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर  हटाये।

इसके अलावा  नगर निगम के अमले ने संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत महाराज बाडे, शिंदे की छावनी, बहोडापुर, मुरार, बारादरी, गोले का मंदिर, दीनदयाल नगर, हजीरा, किलागेट, पडाव क्षेत्र, फूलबाग क्षेत्र सहित विभिन्न चौराहों, सडकों एवं दीवारों से विज्ञापन पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स हटाने की कार्रवाई की।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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