Gwalior News : EE से अभद्रता करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा समाप्त, कमिश्नर बोले ये व्यवहार बर्दाश्त नहीं

Gwalior Municipal Corporation

Gwalior News : ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर ने कार्यपालन यंत्री (EE) से अभद्रता करने वाले एक आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, कर्मचारी की सेवा समाप्ति के आदेश के बाद हड़ताल पर गए कर्मचारी वापस आ गए, उधर निगम कमिश्नर ने कहा कि किसी भी कर्मचारी का अधिकारी के साथ ये व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

तीन ड्राइवरों के ट्रांसफर से नाराज कर्मचारी हड़ताल पर गए   

गौरतलब है कि नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह ने पिछले दिनों दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाले तीन वाहनों के ड्राइवरों कालीचरण, देवेश और रवि कुशवाह का ट्रांसफर फायर ब्रिगेड में कर दिया था जिससे नाराज होकर कचरा कलेक्शन में लगे टिपर वाहनों के ड्राइवर शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए।

ड्राइवर ने कार्यपालन यंत्री के साथ की अभद्रता 

कचरा कलेक्शन वाहन ड्राइवरों के हड़ताल पर जाने की खबर मिलते ही नगर निगम वर्कशॉप में पदस्थ कार्यपालन यंत्री (EE ) श्रीकांत कांटे उन्हें समझाने पहुंचे, उन्होंने कहा कि ट्रांसफर एक सामान्य प्रक्रिया है इसे अन्य किसी तरह से नहीं लिया जाना चाहिए, जब श्रीकांत कांटे ड्राइवरों को समझा रहे थे तभी आउटसोर्स ड्राइवर कालीचरण उनके साथ अभद्र व्यवहार करने लगा, उसकी अभद्रता से आहत श्रीकांत कांटे वहां से निकल गए और कालीचरण ने वहां मौजूद ड्राइवरों को भड़काकर हड़ताल करवा दी।

कमिश्नर ने आउटसोर्स ड्राइवर की सेवाएं समाप्त की  

श्रीकांत कांटे ने कमिश्नर को पूरा घटनाक्रम बताया फिर अधिकारियों ने अभद्र व्यवहार करने वाले कर्मचारी के खिलाफ प्रस्ताव बनाकर कमिश्नर को दिया, जिसपर एक्शन लेते हुए कमिश्नर हर्ष सिंह ने आउटसोर्स कर्मचारी कालीचरण की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दे दिए, सेवा समाप्ति के आदेश के बाद हड़ताल पर गए कर्मचारी वापस आ गए, कमिश्नर ने कहा कि किसी भी कर्मचारी का अपने अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जायेगा।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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