Gwalior News : पण्डोखर धाम प्रमुख गुरुशरण शर्मा पर जातिगत अपमान करने का आरोप, आक्रोशित सेन समाज ने की एफआईआर की मांग

Gwalior News : पण्डोखर धाम प्रमुख गुरुशरण शर्मा पर जातिगत अपमान करने का आरोप, आक्रोशित सेन समाज ने की एफआईआर की मांग

Gwalior News : पिछले एक अरसे से कोई न कोई बाबा, कथावाचक चर्चा में बना हुआ है, अब पण्डोखर धाम यानि पण्डोखर सरकार दतिया के मुखिया गुरुशरण शर्मा के खिलाफ एक समाज सड़कों पर है , ग्वालियर में सेन समाज ने पण्डोखर सरकार गुरुशरण शर्मा के खिलाफ एसपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ जातिगत अपमान करने वाली धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की।

सेन समाज ने पण्डोखर सरकार गुरुशरण शर्मा पर लगाये जातिगत  अपमान के आरोप 

दर असल पण्डोखर सरकार गुरुशरण शर्मा पर उत्तर प्रदेश के औरैया में चल रही कथा के दौरान पिछले दिनों सेन समाज के व्यक्ति को मंच पर बुलाकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, जातिगत शब्दों से संबोधित करने और थप्पड़ मारने का आरोप है, सेन समाज इससे बहुत आहत और आक्रोशित है।

ग्वालियर एसपी ऑफिस पर सेन समाज ने किया प्रदर्शन 

ग्वालियर में सेन समाज ने इकट्ठा होकर एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपकर पण्डोखर सरकार गुरुशरण शर्मा पर एफआईआर की मांग की, सेन समाज ने कहा कि एसपी साहब को हमने वो वीडियो भी सौंपा है जिसमें गुरुशरण शर्मा द्वारा किया गया कृत्य दिख रहा है और वो वीडियो उन्होंने ही वायरल किया है।

पुलिस ने मांगा 10 दिन का समय, सेन समाज ने दी बहिष्कार की चेतावनी 

समाज के लोगों ने कहा कि पुलिस ने हमसे 10 दिन का समय माँगा है जिसमें वो जाँच करेंगे उसके बाद एफआईआर करेंगे, और यदि पुलिस एफआईआर नहीं करती तो हम पण्डोखर सरकार गुरुशरण शर्मा के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे, बहिष्कार करेंगे और अंचल में उनको घुसने नहीं देंगे, कथा नहीं होने देंगे, गौरतलब है की 12 से 14 अगस्त तक पण्डोखर सरकार गुरुशरण शर्मा का दिव्य दरबार औरैया उत्तर प्रदेश में लगा था जहाँ का ये घटनाक्रम बताया का रहा है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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