Gwalior News : संपत्ति कर वसूली में लापरवाह दो सहायक राजस्व निरीक्षक निलंबित

Gwalior News : संपत्ति कर वसूली में लापरवाह दो सहायक राजस्व निरीक्षक निलंबित

Gwalior News : ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर किशोर कन्याल संपत्ति कर वसूली (property tax collection)  को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने कर संग्रहकों (सहायक राजस्व निरीक्षक) सहित संपत्ति कर विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों को इस साल के लिए निर्धारित लक्ष्य 242 करोड़ रुपये की वसूली में तेजी के निर्देश दिए हैं साथ ही लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन के निर्देश दिए हैं, कमिश्नर ने इसी क्रम में लापरवाह सहायक राजश्व निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।

ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर किशोर कन्याल (Gwalior Municipal Corporation Commissioner Kishor Kanyal) ने बाल भवन में संपत्ति कर वसूली की वार्ड वार समीक्षा की उन्होंने सभी कर संग्रहकों एवं वसूली प्रभारियों को निर्देश दिये कि प्रतिदिन लक्ष्य बनाकर कम से कम 50-50 नोटिस प्रत्येक कर संग्रहक जारी करें, हम निर्धारित लक्ष्य 242 करोड़ रूपये को पूर्ण करने के लिये कार्य करें , उन्होंने कहा कि  प्रतिमाह 60 करोड से अधिक वसूली हमें करनी है।

समीक्षा के दौरान वार्ड क्रमांक दो एवं वार्ड क्रमांक 11 वार्ड में पदस्थ कर संग्रहकों (सहायक राजस्व निरीक्षक) ने पिछले वर्ष की तुलना में बहुत कम वसूली की है, लक्ष्य से बहुत कम वसूली को कमिश्नर में कार्य में लापरवाही माना और वार्ड क्रमांक दो के कर संग्रहक आभा देशमुख और वार्ड क्रमांक 11 के कर संग्रहक मुरली शर्मा को निलंबित कर दिया ।

कमिश्नर के आदेश में लिखा है कि  वित्तीय वर्ष 2021-22 की तुलना में  वित्तीय वर्ष 2022-23 में पदस्थ वार्ड क्रमांक दो के कर संग्रहक आभा देशमुख ने 12 रसीदें यानि लक्ष्य से मत 15 प्रतिशत और वार्ड क्रमांक 11 के कर संग्रहक मुरली शर्मा ने 18 रसीदें यानि लक्ष्य से मात्र 14 प्रतिशत वसूली की गई जो सम्बंधित विधानसभा में किसी भी कर संग्रहक की न्यूनतम वसूली है। जिससे स्पष्ट है कि उक्त दोनों कर संग्रहकों ने  संपत्ति कर वसूली में पलार्वाही की है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews