ग्वालियर पुलिस की मानवीय पहल, पति-पत्नी के टूटते रिश्तों को बचाया, महिला थाने बुलाकर किया सम्मानित, तोहफे दिए

आज पुलिस ने कुछ जोड़ों को महिला थाने बुलाया उनको सम्मानित किया, मिठाई खिलाई और तोहफे दिए, इस मौके पर पति पत्नी से एक दूसरे को माला पहनाई और पिछली गलतियाँ या गलतफहमियां भूलकर आगे बढ़ने का वादा एक दूसरे से किया।
Gwalior Police Women's Police Station Initiative

Gwalior Police Women’s Police Station Initiative

पुलिस का नाम सुनते ही अपराधियों में भय का माहौल बनना लाजमी है लेकिन पुलिस का दूसरा पहलू भी है जो लोगों के टूटते घरों को बसाने का काम करता है, ग्वालियर पुलिस के इसी प्रयास ने पिछले एक साल में करीब 900 परिवारों को टूटने से बचाया है, तलाक की दहलीज तक पहुंच चुके पति पत्नी के रिश्ते को काउंसिलिंग के माध्यम से जोड़ा है, पुलिस ने महिला थाने बुलाकर इन्हीं में से कुछ जोड़ों को आज सम्मानित किया गया और उन्हें गिफ्ट दिए गए, एक बार फिर साथ हुए पति पत्नी ने जो कुछ कहा इस रिपोर्ट में हम आपको बताते हैं।

ग्वालियर का महिला पुलिस थाना परिवारों को टूटने की बजे उनको जोड़ने की अभिनव पहल में जुटा हुआ है, यहाँ संचालित परिवार परामर्श केंद्र में बैठने वाले काउंसलर रिश्तों में आई दरार भरने के प्रयास में रहते हैं, ये काउंसलर पुलिस स्टाफ और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य होते हैं जो समझाइश देकर रिश्तों को टूटने से बचा रहे हैं आज इसी प्रयास के चलते जुड़े रिश्तों में से कुछ जोड़ों को बुलाकर थाने पर सम्मानित किया गया।

रिश्तों को टूटने से बचा रही ग्वालियर पुलिस

एडिशनल एसपी विदिता डागर के मुताबिक़ पिछले एक साल में करीब 1650 आवेदन ऐसे आये जिसमें पति पत्नी के बीच दरार की बात थी, अलग होने की बात थी इन्हें समझाइश दी गई और करीब 900 मामलों में सुलह कर दी गई जबकि करीब 400 मामलों में मामले दर्ज किये गए, उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास ये रहता है कि रिश्तों को किसी भी जोड़ कर रखा जाये और एक परिवार बिखरने से बच जाए, उन्होंने कहा कि पुलिस का काम लोगों की मदद करना है और इसका एक तरीका ये भी है।

पति पत्नी ने एक दूसरे को पहनाई माला, साथ रहने का वादा किया 

पुलिस ने आज बुधवार को आज इन्हीं से से कई जोड़ों को महिला थाने बुलाया उनको सम्मानित किया, मिठाई खिलाई और तोहफे दिए, इस मौके पर पति पत्नी से एक दूसरे को माला पहनाई और पिछली गलतियाँ या गलतफहमियां भूलकर आगे बढ़ने का वादा एक दूसरे से किया, पति पत्नी ने कहा कि थोड़ी से ग़लतफ़हमी दो जिंदगियों को ही नहीं दो परिवारों की और कई रिश्तों को अलग कर देती है लेकिन अब साथ आकर अच्छा लग रहा है।

अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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