जब एसपी ऑफिस पहुंचा मृत युवक! बोला- जिंदा हूँ लेकिन कोई नहीं मानता, बच्चियों को नहीं पढ़ा पा रहा, पढ़ें खबर

अजय ने कहा कि मेरे साथ हुए धोखे ने मेरी जिन्दगी परेशानी से भर दी है, मुझे मेरी बच्चियों के पैदा होने पर सरकार से मिलने वाली राशि नहीं मिली, अन्य किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा, मेरी कोई नहीं सुन रहा समझ नहीं आ रहा कहाँ जाऊं।   
Gwalior News

ग्वालियर एसपी ऑफिस की जनसुनवाई में पहुंचे एक युवक की शिकायत देखकर पुलिस अधिकारी हैरत में पड़ गए, कभी वो युवक को देखते तो कभी उसके पास मौजूद दस्तावेज को देखते, युवक ने कहा कि साहब यही तो परेशानी है, मुझे कागजों में मरा हुआ घोषित कर दिया और मैं आपके सामने जिन्दा खड़ा हूँ, उसने कहा मेरे साथ धोखा करने वाले ने मेरी जिंदगी ख़राब कर दी है।

ग्वालियर एसपी ऑफिस की जन सुनवाई में आज खिड़की मोहल्ला निवासी निवासी अजय प्रजापति एक आवेदन लेकर पहुंचा उसने पुलिस अफसरों को बताया कि जिसके साथ वो काम करता था उसने कुछ साल पहले मेरे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बीमा के नाम पर लिए थे और फिर नगर निगम से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा कर मुझे मरा घोषित कर दिया गया है।

बीमा कराने के नाम पर लिए दस्तावेज, दिया धोखा 

अजय ने आवेदन में बताया कि सुरेश उर्फ़ भूरा प्रजापति ठेकेदारी का काम करता है मैं भी उसके साथ काम करता था, 2019 में भूरा ने मुझसे कहा कि तेरा बीमा कराना है तो मुझे आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि दे दो, मैंने दे दिए क्योंकि हम साथ काम करते थे और वो रिश्तेदार भी था मेरा, लेकिन बाद में अब मुझे पता चला कि उसने मेरा नगर निगम से फर्जी  मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया।

बन गया फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र 

उसने बताया इस बात का खुलासा तब हुआ जब  मैं मोबाइल फाइनेंस कराने गया था वहां आधार की ओटीपी नहीं आई तो उन्होंने आधार अपडेट कराने के लिए कहा मैंने अपडेट कराया लेकिन फिर भी ओटीपी नहीं आई तो मैंने जानकारी पता की तो मालूम चला कि नगर निगम से मेरा मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो चुका है जिस कारण मेरी समग्र आईडी में मुझे मृत घोषित कर दिया गया।

बीमा की राशि हड़पने कागजों में मार दिया 

अजय ने बताया कि वो पुलिस थाने में शिकायत करने गया कि किसी ने मेरा जिन्दा रहते फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा दिया है लेकिन पुलिस ने शिकायत नहीं ली, अब मैं हारकर एसपी ऑफिस आया हूँ, उसने आशंका जताई है कि मेरे नाम पर किये गए बीमे की राशि हड़पने के लिए ही मुझे जिन्दा होते हुए कागजों में मार दिया गया है। उसने तो यहाँ तक कहा कि उसे तो ये भी नहीं मालूम कि उसके नाम पर कितने रुपये का बीमा कराया गया था।

मेरी बच्चियां स्कूल नहीं जा पा रहीं, राशन नहीं मिल रहा 

अजय ने कहा कि जब से मुझे कागजों में मारा गया है तब मेरा आधार कार्ड बंद हो गया है राशन मिलना बंद हो गया मेरी तीन बच्चियां है उनका स्कूल में एडमिशन नहीं हो पा रहा , सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा, उसने कहा कि फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले पर कार्रवाई की जाये और उसे दस्तावेजों में फिर से जिन्दा घोषित किया जाये।

पुलिस ने दिया जाँच का भरोसा

सीएसपी हिना खान का कहना है कि युवक का आवेदन लिया गया है उसने जो शिकायत की है उसकी जाँच की जाएगी, उसने जो मृत्यु प्रमाणपत्र दिया है वो असली है या नकली इसकी जाँच के लिए उसे थाने भिजवा दिया गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर में पिछले दिनों पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया था इसमें भी फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर राशि हड़पी गई है ईओ डब्ल्यू इसकी जाँच कर रहा है, संभव है इस घटना के तार भी उसी से जुड़े हों।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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