ग्वालियर टॉप पर: स्वच्छता सर्वेक्षण ऑन लाइन फीडबैक में राजधानी को पछाड़ा

ग्वालियर टॉप पर: स्वच्छता सर्वेक्षण ऑन लाइन फीडबैक में राजधानी को पछाड़ा

ग्वालियर। अतुल सक्सेना। स्वच्छता सर्वेक्षण फीडबैक कैटेगरी में शहरवासियों के सहयोग ने ग्वालियर को टॉप पर ला दिया है। इस सूची में राजधानी भोपाल दूसरे, इंदौर तीसरे, जबलपुर चौथे और उज्जैन पांचवे नंबर पर है।

स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरों को स्टार रेटिंग देने वाली टीम इस समय शहर में है। दस सदस्यीय टीम के सदस्यों ने शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर शहर के लोगों का फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। गार्वेज फ्री सिटी की जांच करने आई टीम ने आते ही काम शुरू कर दिया। टीम अलग अलग हिस्सों में बंट गई। टीम ने बलवंत नगर, इंद्रमणि नगर, रॉक्सी पुल, कंपू, महाराजबाडा, नई सडक़, माधोगंज आदि क्षेत्रों में घूमकर और लोगों से साफ सफाई के बारे में उनका फीडबैक लिया। लोगों ने सफाई को लेकर संतुष्टि जताई। लोगों ने बताया कि रोज झाड़ू लगती है और कचरा गाड़ी आती है। टीम ने साफ सफाई वाले क्षेत्रों के फोटो खींचकर अपलोड कर दिये। टीम को मिले फीडबैक के आधार पर संख्या के हिसाब से ग्वालियर पहले नम्बर पर आ गया है। ग्वालियर में 69029 लोगों ने फीडबैक दिया। वहीं भोपाल 63531 लोगों के फीडबैक के सतह दूसरे, इंदौर 43938 के साथ तीसरे, जबलपुर 45598 के साथ चौथे और उज्जैन 36854 लोगों के फीडबैक के साथ पांचवे नंबर पर है। टीम शहर में रहकर 66 वार्डों में रहकर सैंपल सर्वे करेगी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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