तेज कोहरे और कड़ाकेदार ठंड ने बदला स्कूलों का समय, ग्वालियर कलेक्टर ने जारी किया आदेश

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Gwalior News :  तेज ठंड से उत्तर भारत कांप रहा है, ग्वालियर में भी गलन वाली सर्दी का प्रकोप जारी है, मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने शनिवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी थी लेकिन हालात संभलते नहीं देखते हुए अब स्कूलों के समय में परिवर्तन का आदेश दिया है, अब ग्वालियर जिले में प्री प्राइमरी से 12 वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे स एपहले ओपन नहीं होंगे।

10 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है न्यूनतम तापमान 

ग्वालियर में पारे की चाल पिछले एक सप्ताह से बिगड़ी हुई है, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे और उसके आसपास ही चल रहा हैं, सुबह के समय तेज कोहरा और गलन वाली सर्दी से सबसे ज्यादा तकलीफ स्कूली बच्चों को हो रही है जिसे देखते हुए कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने स्कूलों के समय में परिवर्तन का आदेश जारी किया है।

13 जनवरी तक सभी स्कूलों का समय बदला  

रविवार की शाम कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने एक आदेश जारी किया जिसमें अब से 13 जनवरी तक यानि इस पूरे सप्ताह ग्वालियर जिले में संचालित प्री प्राइमरी से 12वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक ही लगेंगे, यानि कोई भी स्कूल 10 बजे से पहले ओपन नहीं होगा ये आदेश सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, CBSE, ICSE पर लागू होगा।

रविवार को 6 दिन बाद निकला था सूरज    

आपको बता दें कि ग्वालियर में नए साल की शुरुआत कोहरे और तेज सर्दी के साथ हुई, सात दिन बाद कल रविवार को सुबह सूरज निकला लेकिन मात्र 5-6 घंटे ही धूप खिली और सूरज बादलों में छिप गया, तापमान में गिरावट का असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक हो रहा हैं, नगर निगम ने अलाव की व्यवस्था की, खुले में सोने वालों को आश्रय भवनों में रुकाया जा रहा है।

IMD ने दो दिन हल्की बारिश की सम्भावना जताई   

उधर मौसम विभाग ने भी अभी सर्दी में किसी तरह की कमी होने के संकेत नहीं दिए है, IMD ने आज सोमवार और कल मंगलवार को ग्वालियर में बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना जताई है जिससे ठंड के और बढ़ने के आसार है , रविवार का अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट     

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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