ग्वालियर की बदहाल सड़कों पर हाई कोर्ट सख्त, वकीलों के कमीशन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने स्पॉट पर की सैंपलिंग, 25 को सुनवाई

शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने एमपी हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में जनहित याचिका दायर की है मामले में लगातार सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
Inspection of Gwalior roads

Inspection of Gwalior roads

खस्ताहाल और बदहाल सड़कों को लेकर पूरे देश में बदनाम हो चुके ऐतिहासिक शहर ग्वालियर की सड़कों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदारों पर अब जल्दी ही एक्शन होगा, सड़कों की बदहाली का मामला हाई कोर्ट में पहुँचने के बाद आज  वकीलों और तकनीकी विशेषज्ञों के कमीशन ने शहर की सड़कों की सैंपलिंग की, टीम ने PWD के संसाधनों की मदद से सड़क की निर्माण सामग्री के सैंपल लिए और उसे जांच के लिए भेज दिया, मामले की सुनवाई 25 अगस्त को होगी।

ग्वालियर शहर की जर्जर और खस्ताहाल सड़कों को लेकर दायर की गई एक जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने बड़ा एक्शन लिया है, सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की सच्चाई जानने के लिए आज सड़क की “सैंपल टेस्टिंग” की गई, कोर्ट के आदेश पर वकीलों के कमीशन और तकनीकी टीम ने आज ग्वालियर की सड़कों से सैंपलिंग की। खास बात ये है कि कोर्ट ने सैंपलिंग में निगम और अन्य लोगों के लगातार दखल को देखते हुए पहले से तय सड़कों की जांच सूची भी कैंसिल कर दी और रेंडमली सड़कों से सैंपल उठाये।

एक सड़क से चार-चार सैंपल लिए गए 

कोर्ट के निर्देश पर वकीलों और तकनीकी विशेषज्ञों का कमीशन बस से सीधे बेटी बचाओ चौराहा और गुढ़ी गुढ़ा का  नाका पर पहुंचे, यहाँ  सड़क के सैंपल लिए गए और मौके पर ही सैंपल को सील भी किया गया,  स्पॉट सैंपलिंग के  दौरान जांच टीम ने मीडिया से दूरी बनाकर रखी, कोई बात नहीं की। टीम ने एक सड़क से चार-चार सैंपल लिए इनमें से सैंपल PWD और ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा की लैब में जांचे जाएंगे, जबकि तीसरे सैंपल को देश की किसी प्रतिष्ठित लैब से क्रॉस चेक कराया जा सकता है।

25 अगस्त को होगी अगली सुनवाई 

सुनवाई के दौरान प्राइवेट लैब पर दबाव बनाने की बात सामने आने पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सैंपलिंग के जरिए सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी और इसके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब इस मामले में 25 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी जिसमें सबकी नजर लैब की टेस्ट रिपोर्ट पर रहेगी।

नगर निगम ने पेश किया अनुपालन प्रतिवेदन

यहाँ बता दें नगर निगम ने हाई कोर्ट में अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें नगर निगम ने शहर की 129 सड़कों की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी है। निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र की 140.58 किमी सड़कों का लेखा जोखा कोर्ट के पटल पर रखा है।

  • 62 सड़कें पूरी तरह चालू है।
  • 34 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं ।
  • 24 सड़कें पूरी तरह बदहाल हैं।
  • 9 पर काम प्रगतिरत या प्रस्तावित।
  • रिपोर्ट में 28.06 किमी सड़कें पूरी तरह से खराब बताई गई हैं।
  • अन्य विभागों की 64 मुख्य सड़कों का भी कोर्ट में ब्यौरा पेश किया गया है।
  • अन्य एजेंसियों की 15 सड़कें भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त बताई गई हैं।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews