बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ प्रीतम लोधी ने दिया FIR का आवेदन, पढ़ें पूरी खबर

बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ प्रीतम लोधी ने दिया FIR का आवेदन, पढ़ें पूरी खबर

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। भाजपा से निष्कासित हुए नेता प्रीतम लोधी (Expelled BJP leader Pritam Lodhi, ) अब आरपार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं।  ओबीसी महासभा (OBC Mahasabha) के बैनर तले ओबीसी और एस-एसटी समाजों को एक जुट करने में लगे प्रीतम लोधी आज पुरानी छावनी थाने पहुंचे और पुलिस को एक शिकायती आवेदन देकर बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री (Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham) पर एफआईआर की मांग की।

अपने वकीलों एवं ओबीसी महासभा के पदाधिकरियों और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस थाने पहुंचे प्रीतम लोधी ने आवेदन में कहा कि उन्होंने कोई बात कही उसके बाद माफ़ी भी मांग ली उसके बाद भी उनके खिलाफ कई एफआईआर हो गई , लेकिन उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई और कोई कार्रवाई नहीं हुई, ये कैसा दोहरा कानून है।

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प्रीतम लोधी ने कहा कि सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने व्यास गद्दी से बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री ने उन्हें कुचलने की धमकी दी , अपशब्द कहे और वहां मौजूद जनता को भड़काया लेकिन फिर भी शासन चुप है।  उन्होंने कहा कि यदि पुलिस एक्शन नहीं लेती तो पूरे प्रदेश और देश का ओबीसी, एससी-एसटी समाज एकजुट होकर मप्र विधानसभा का घेराव करेगा।

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उधर प्रीतम लोधी के वकील अनूप शिवहरे ने कहा कि आपराधिक मुकदमा बनता है, यदि पुलिस एक्शन नहीं लेती तो हम न्यायालय की शरण में जायेंगे। वहीं पुरानी छावनी थाने के टीआई सुधीर सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रीतम लोधी ने अपने साथियों के साथ बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री पर एफआईआर के लिए आवेदन दिया है, जांच के बाद जो वैधानिक कार्रवाई होगी की जाएगी।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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