
भाई बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन आज पूरे देश में मनाया जा रहा है, शासन के निर्देश पर उन भाइयों की कलाई भी सुनी नहीं रहती जो किसी अपराध के कारण जेलों में बंद है, जेल प्रशासन आज के इस विशेष दिन पर विशेष व्यवस्थाएं करता है जिससे बहने भाई की कलाई पर राखी बांध सकें।
बहोड़ापुर क्षेत्र में स्थित ग्वालियर सेन्ट्रल जेल में आज मेले जैसा माहौल था सुबह से ही जेल मुख्य मार्ग से लेकर जेल के मुख्य गेट तक भारी भीड़ थी, बंदियों के परिजन उनसे मिलने के लिए आतुर थे, सामान्य तौर पर मिलनी के समय परिजन आते हैं उनके लिए जेल प्रशासन की रुटीन व्यवस्था रहती है लेकिन आज विशेष व्यवस्था की गई।
जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने आतुर दिखी बहनें
रक्षाबंधन के विशेष पर्व के चलते बहनों की लम्बी लम्बी लाइने लगी थी हर बहन अन्दर जाकर भाई की कलाई पर राखी बांधने और माथे पर तिलक करने को आतुर थी, एक निर्धारित स्थान पर राखी बांधने की व्यवस्था की गई थी, नियमों और कड़ी निगरानी के बीच बहन ने भाई की कलाई पर राखी बाँधी और उससे रक्षा का वचन लिया।
सेन्ट्रल जेल प्रबंधन ने की विशेष व्यवस्था
जेल अधीक्षक ने बताया कि सुबह 8 बजे से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया, सामान्य तौर पर 12 बजे तक का समय निर्धारित था लेकिन बहनों की भीड़ को देखते हुए डेढ़ बजे तक बहनों को अलाऊ किया गया जिससे उनके मन में कोई अफसोस न रहे, उधर जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं से बहनें भी खुश दिखाई दी, उन्होंने कहा हम तो बहुत आराम से मिले दो घंटे तक बैठे रहे।
मुलाकात में परिजनों ने दी ये सलाह
बहरहाल अपने अपराध की सजा काट रहे बंदियों के लिए आज का दिन बहुत ख़ास रहा, यहाँ सिर्फ बहने ही नहीं , बंदियों की माँ, पत्नी, अन्य रिश्तेदार उनसे मिलने आये और उन्हें एक अच्छा नागरिक बनने की सलाह देकर गए साथ ही ये भी भरोसा दिलाकर गए कि हम सब तुम्हारे साथ है जेल से एक अच्छा इन्सान बनकर निकलो परिवार तुम्हारा इन्तजार कर रहा है।
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

