
ग्वालियर, अतुल सक्सेना। रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesiveer Injection) की मारा मारी के बीच सरकार ने इसकी बिक्री पर सख्ती की है और कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ NSA की कार्रवाई के निर्देश दिये हैं बावजूद इसके कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हैं। ग्वालियर (Gwalior) में एक ऐसा ही व्यक्ति पुलिस ने पकड़ा है जो रेमडेसिवीर इंजेक्शन ब्लैक में बेच रहा था। इंजेक्शन के नकली होने की भी आशंका जताई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार फार्मा कंपनी में काम करने वाले एक एमआर ने सक्सेना हॉस्पिटल बहोड़ापुर में भर्ती कोरोना मरीज के अटेंडर को 12-12 हजार रुपये में दो रेमडेसिवीर इंजेक्शन बेचे। जब अटेंडर ने इंजेक्शन लगाने के लिए डॉक्टर को दिये तो उन्होंने इसे नकली कहकर वापस कर दिया। अटेंडर ने इसकी सूचना पुलिस को देकर इंजेक्शन वापस करने के लिए एमआर से कहा जैसे ही एमआर इंजेक्शन लेने छप्पर वाला पुल आया पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी एमआर ने बताया कि वो ये इंजेक्शन अपने एमआर दोस्त से 5 हजार रुपये में खरीदता था। मेरा दोस्त ये इंजेक्शन एक अस्पताल कर्मचारी से खरीदता था। आरोपी ने बताया कि उसका एक अन्य एमआर दोस्त उसे बताता था कि कहाँ इंजेक्शन की जरूरत है। पूछताछ में आरोपी एमआर ने पांच इंजेक्शन बेचना स्वीकार किया है। तीन इंजेक्शन उसने 8-8 हजार रुपये में सागर के पेशेंट के अटेंडर को बेचे थे।
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पूरे मामले पर एसपी (Gwalior SP) अमित सांघी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। युवक से दो रेमडेसिवीर इंजेक्शन मिले हैं ये नकली हैं या असली ये जांच के बाद ही पता चल सकेगा। एसपी ने कहा कि आरोपी के साथ इस काम में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। तलाश जारी है।
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