कट्टे की नौक पर लूट, मौक़े पर देशी कट्टा और रिवॉल्वर छोड़कर भागे बदमाश

कट्टे की नौक पर लूट, मौक़े पर देशी कट्टा और रिवॉल्वर छोड़कर भागे बदमाश

डबरा/सलिल श्रीवास्तव | भितरवार के किशोली गाँव की पुलिया के पास मोटरसाईकल पर सबार होकर आये दो लुटेरों ने पिता पुत्र से कट्टे की नौक पर लूट की वारदात को अंजाम दिया | आरोपी मौक़े से पचास हज़ार रुपय लूट ले गये पर साथ ही ग्रामीणजनों के आ जाने पर बारदात को अंजाम देने के लिये साथ लेकर आये एक देशी कट्टा और नक़ली रिबाल्बर छोड़ कर भाग गये।

घटना भितरवार के मस्तूरा गाँव निवासी दिनेश शर्मा के साथ हुई जब बह डबरा किसी सुनार के पास दो लाख रुपय देने आ रहे थे तभी किशोली गाँव के पास अचानक एक मोटरसाईकल पर सवार होकर आये दो लुटेरे आ गये और कट्टे और रिवॉल्वर की नौक पर लूट का प्रयास किया| इसी दौरान छीना झपटी में रुपयों से भरा थेला गिर पड़ा जिसमें से पचास हज़ार रुपय लेकर लुटेरे भाग गये| ऐसा फ़रियादी का कहना है साथ ही वारदात के लिये साथ लेकर आये एक देशी कट्टा और नक़ली रिवॉल्वर को छोड़ कर भाग गये | घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को लगी भितरवार पुलिस मौक़े पर पहुँची और लूट के हर एंगल की बारीकी से जाँच में जुट गई है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews