ग्वालियर किले से गिरकर SAF जवान और युवती की मौत, जांच में जुटी पुलिस

ग्वालियर किले से गिरकर SAF जवान और युवती की मौत, जांच में जुटी पुलिस

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।ग्वालियर किले से गिरकर एक युवक और युवती की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सिपाही अरुण कुमार के रूप में हुई है जबकि युवती का नाम वर्षा बताया जा रहा है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है । लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

बहोडापुर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक थाने पर किया ने किले से युवक युवती के गिरने की सूचना दी। जिसके बाद जब मौका मुआयना किया गया तो किला तलहटी में झाड़ियों में युवक और युवती के शव दिखाई दिये। जब तलाशी ली गई तो मृतक की जेब से उसका आधार कार्ड और आइडेंटीटी कार्ड मिला। युवक का नाम अरुण कुमार है और वो SAF की 15 वी बटालियन इंदौर में पदस्थ है। युवती की पहचान वर्षा के रूप में स्थानीय लोगों ने की है। लोग से प्रेम प्रसंग का मामला बता रहे हैं लेकिन पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। पड़ोसियों ने बताया कि अरुण परिवार में शादी में छुट्टी आया था सबकुछ ठीक था का रिसेप्शन में शामिल हुआ। आज सुबह वो घर से निकला और अब उसकी मौत हो गई। लोगों की बात पर भरोसा करें तो लड़की की जनवरी में शादी हुई थी। हो सकता है दोनो प्रेम करते हों लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। इसलिए प्रेम में असफल होने के कारण दोनों ने साथ में जान दे दी। दोनो रेशम मिल के रहने वाले हैं।।बहरहाल पुलिस प्रेम प्रसंग शत सभी एंगल पर जांच कर रही है। दोनो के शव को पुलिस ने पीएम के लिए भेज दिया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews