हनी ट्रैप में फंसे सिंचाई विभाग के SDO, महिला ने 10 लाख रुपये वसूले, पुलिस में पहुंचे तो नाबालिग ने कराई दुष्कर्म की FIR

हनी ट्रैप में फंसे सिंचाई विभाग के SDO, महिला ने 10 लाख रुपये वसूले, पुलिस में पहुंचे तो नाबालिग ने कराई दुष्कर्म की FIR

Gwalior News : मध्य प्रदेश सिंचाई विभाग में पदस्थ एक SDO हनी ट्रैप में फंसकर 10 लाख रुपये गंवा चुके हैं, उन्होंने पुलिस ने जब इसकी शिकायत की तो दूसरे पक्ष की तरफ से 17 साल की नाबालिग पुलिस के पास पहुंच गई और SDO पर दुष्कर्म करने की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है, जानकारी के अनुसार श्योपुर जिले में सिंचाई विभाग में पदस्थ 60 वर्षीय SDO श्रीधर लाल अटेरिया ने मंगलवार की रात  पड़ाव थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें तीन लोग ब्लैकमेल कर रहे हैं और उनसे 10 लाख रुपये मांग रहे हैं उनके पास मेरे वीडियो, व्हाट्स एप चैट हैं।

अंजान कॉल से SDO हुए हनी ट्रैप का शिकार 

पुलिस को शिकायत दर्ज कराते हुए एसडीओ ने बताया कि लगभग तीन महीने पहले उन्हें एक अनजान नंबर से उनके मोबाइल पर कॉल आया, दूसरी तरफ से एक महिला बात कर रही थी, उसने अपना नाम सुमन वर्मा बताया। थोड़ी देर बात करने के बाद फोन कट हो गया।

बातें दोस्ती में बदली फिर होने लगी अश्लील बातचीत, वीडियो कॉल 

एसडीओ कहा कि इस कॉल के बाद सुमन के लगातार फोन आने लगे, हम दोनों  बात करने लगे हमारे बीच दोस्ती हो गई। पहले साधारण बातें होती रहीं जो  धीरे-धीरे अश्लील बातों में बदल गई। वॉट्स एप पर वीडियो कॉल में भी अश्लील हरकतें की गईं। इसी दौरान महिला ने उनके वीडियो और फोटो बना लिए। फिर कुछ दिन वो वीडियो और फोटो का हवाला देकर एसडीओ अटेरिया को ब्लैकमेल करने लगी।

10 लाख रुपये लेकर ग्वालियर बुलाया  

पुलिस को SDO श्रीधर लाल अटेरिया ने बताया कि 6 जुलाई को महिला ने उन्हें कॉल कर 10 लाख रुपये मांगे। महिला ने पैसे  ग्वालियर आकर देने के लिए कहा। SDO ग्वालियर पहुंचकर पड़ाव थाना क्षेत्र के होटल रॉयल विलास में रुक गए वहां सुमन अपने साथ अभिदेव नाम के युवक और एक नाबालिग लड़की को लेकर आई,  उसने अटरिया से 10 लाख रुपए मांगे।

रुपये लेने के बाद लिखकर दिया नहीं करेगी शिकायत 

अटेरिया ने पांच लाख रुपए दे दिए और कहा कि अभी इतने ही हैं, लेकिन वे लोग 10 लाख पर ही अड़े रहे। महिला ने पूरे रुपये नहीं देने पर रेप का केस दर्ज कराने की धमकी दी। इस पर एसडीओ ने बाकी रुपये और मंगवा कर दिए। पैसे लेने के बाद सुमन ने लिखकर दिया कि वह उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराएगी। इसके बाद अटेरिया श्योपुर लौट आए।

फिर मांगे रुपए तो SDO ने पुलिस में की शिकायत

रुपये लेने के बाद अगले दिन सुमन वर्मा ने फिर कॉल किया और एसडीओ अटरिया से और रुपयों की मांग की। वे समझ गए कि ये लोग लगातार ब्लैकमेल करते रहेंगे। इसके बाद वे पड़ाव थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस को फोटो, वीडियो, चैटिंग सब कुछ  सौंप दी। एसडीओ की शिकायत पर पुलिस ने देर रात बजे सुमन, अभिदेव और नाबालिग लड़की के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

थाने पहुंच गई नाबालिग, दर्ज कराई दुष्कर्म की शिकायत  

पड़ाव थाने में एसडीओ अटरिया द्वारा केस दर्ज कराये जाने की भनक सुमन को लग गई, करीब दो घंटे बाद राजस्थान के हनुमान गढ़ की रहने वाली 17 साल की लड़की रात 2 बजे पड़ाव थाने पहुंच गई । उसने SDO श्रीधर लाल अटेरिया के खिलाफ नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। लड़की ने पुलिस को बताया कि उसकी मामी सुमन और SDO अटेरिया एक-दूसरे को जानते थे। एसडीओ ने कहा था कि 20 हजार रुपए में वह नाबालिग की नौकरी लगवा देगा।

नौकरी के नाम पर झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप 

नाबालिग ने कहा कि उसे नौकरी की जरूरत थी। बात करने पर एसडीओ ने 6 जुलाई को होटल रॉयल विलास में मिलने बुलाया। रूम नंबर 102 में नाबालिग, उसकी मामी और मामा ठहरे थे, जबकि रूम नंबर 104 में SDO रुके थे । रात करीब 11:30 बजे जब मामा-मामी खाना लेने गए थे, तो SDO ने उसे अपने कमरे में बुलाया। यहां धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और  बदनाम करने की धमकी देकर चुप करा दिया।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामले दर्ज कर जाँच शुरू की 

पुलिस ने नाबालिग लड़की की शिकायत पर पुलिस दे रात SDO अटेरिया के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया, सीएसपी विजय भदौरिया ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है। जो तथ्य आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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