पैरोल से नहीं लौटा सीरियल किलर, पुलिस ने किया गिरफ्तार धक्का देकर फरार, मशक्कत के बाद थाने से 100 मीटर दूर सूने मकान से पकड़ा

सीरियल किलर हनी दुबे की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है लेकिन कुछ घंटों के भीतर पुलिस हिरासत से उसका फरार होना और फिर थाने से महज 100 मीटर दूरी पर ही छिपा मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
Gwalior Police arrested a serial killer

Gwalior Police arrested a serial killer

ग्वालियर में आज ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसकी यदि सभी कड़ियां जोड़ी जाएँ तो ये किसी फिल्म के सीन जैसा लगेगा लेकिन ये गुरुवार 23 जुलाई को असल में हुआ है, आपको सन्दर्भ बताते हैं…एक सीरियल किलर पैरोल जंप कर देता है जिसकी शिकायत सेन्ट्रल जेल बहोड़ापुर थाने में दर्ज कराती है, पुलिस उसे पकड़कर लाती है तो वो वापस जेल जाते समय पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भाग जाता है, पुलिस उसके पीछे लगती है..और फिर कुछ देर बाद थाने से कुछ दूरी पर ही उसे एक सूने मकान से गिरफ्तार कर लेती है।

ये मामला गुना के सीरियल किलर है हनी दुबे से जुड़ा है, उसने 2017 में सिंचाई विभाग के कार्यालय अधीक्षक अतर सिंह मीणा के 17 वर्षीय बेटे हेमंत का अपहरण कर लिया था उसने 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी नहीं मिलने पर उसने हेमंत की हत्या कर दी और शव को जला दिया था इस हत्याकांड में हनी का साथ देने वाले दोस्त लोकेश लोधा की उसने कुछ दिन बाद उसकी हत्या कर दी फिर कुछ दिन बाद इसी घटना में शामिल ऋतिक नामदेव को भी हनी ने मार डाला और फरार हो गया।

माँ पैरोल पूरा कर लौट आई बेटे ने जंप की 

इस पूरे घटनाक्रम में हनी की माँ पूनम दुबे भी शामिल थी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और फिर न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई तभी से ये सेन्ट्रल जेल ग्वालियर में बंद हैं, पिछले दिनों 6 जुलाई को माँ बेटे को 15 दिन की पैरोल मिली थी दोनों को 21 जुलाई को वापस लौटना था लेकिन माँ पूनम लौट आई लेकिन हनी सेन्ट्रल जेल नहीं पहुंचा , सेन्ट्रल जेल ने बहोड़ापुर थाने में पेरोल जंप की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस शहर में तलाशती रही थाने से 100 दूरी पर मिला 

बहोड़ापुर थाना पुलिस ने हनी दुबे की तलाश शुरू की उसकी लोकेशन हाथरस में मिली जहाँ से पुलिस उसे आज सुबह 4 बजे पकड़कर ले आई, लेकिन जब दिन में पुलिस उसे गाड़ी में बैठकर सेन्ट्रल जेल ले जाने लगी तो वो पुलिस आरक्षक को धक्का देकर भाग निकला, पुलिस भी उसके पीछे भागी लेकिन वो छिप गया, पुलिस ने उसकी घेराबंदी की, सीसीटीवी खंगाले तो मालूम चला कि वो थाने से 100 मीटर दूरी पर स्थित विनय नगर की तरफ भागा है।

गार्ड रूम में छिपकर बैठा था 

पुलिस ने थाने से फ़ोर्स बुलाया और विनय नगर में तलाशी अभियान चलाया, एक सूना मकान दिखाई दिया जिसपर पुलिस की नजर टिक गई, पुलिस ने मालूम कर उसका ताला खुलवाया, घर की सर्चिंग शुरू की गई लेकिन फरार कैदी कहीं नहीं मिला फिर पुलिस की नजर गार्ड रूम की तरफ गई और फिर पुलिस को सफलता मिल गई, पुलिस ने हनी दुबे को दबोच लिया और थाने ले गई जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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