
हरियाणा अब सिर्फ खेती और उद्योगों के लिए नहीं, बल्कि नए आइडिया और इनोवेशन का गढ़ बनने जा रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में गुरुवार को आयोजित विश्व उद्यमिता दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को “देश का नंबर एक स्टार्टअप हब” बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्टार्टअप की ताकत अब साफ नजर आने लगी है।
हरियाणा में 9000 से ज्यादा स्टार्टअप, 45% महिलाएं हैं संस्थापक
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 9000 से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 45% स्टार्टअप महिलाओं द्वारा शुरू किए गए हैं। यह हमारी बेटियों की शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। सीएम सैनी ने कहा, “आज हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या के मामले में सातवें स्थान पर है, और हमारा लक्ष्य है इसे पहले स्थान पर लाना।”
तीन गुना स्टार्टअप बढ़ाने का लक्ष्य, परंपरागत उद्योग भी होंगे शामिल
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या को तीन गुना तक बढ़ाया जाए। खास बात यह है कि इसमें कृषि और परंपरागत उद्योगों को भी जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं और किसानों को भी नवाचार से जुड़ने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, मार्केटिंग और ट्रेनिंग के माध्यम से पारंपरिक व्यवसायों को भी नया रूप देने का काम किया जाएगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन
प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना को भी प्रभावी तरीके से लागू कर रही है। इस योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को प्रशिक्षण, टूल्स और आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपने व्यवसाय को आधुनिक बना सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों और कस्बों के कारीगर भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद बेचने लगे हैं।
10 साल में 1.80 लाख युवाओं को मिला रोजगार
सीएम सैनी ने दावा किया कि बीते 10 वर्षों में भाजपा सरकार ने हरियाणा में 1.80 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। इसके साथ ही स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि वे नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।
