हरियाणा में छात्र संघ चुनाव न होने पर BJP सरकार फेल, दीपांशु बंसल ने सीएम नायब सैनी को पत्र लिखा

हरियाणा में छात्र संघ चुनाव न होने पर BJP सरकार फेल, दीपांशु बंसल ने सीएम नायब सैनी को पत्र लिखा

कांग्रेस छात्र इकाई और एनएसयूआई लीगल सेल के राष्ट्रीय सह-संयोजक दीपांशु बंसल ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार छात्र संघ चुनावों को लेकर पूरी तरह फेल रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि सभी सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। बंसल ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

छात्रों के अधिकारों पर असर
दीपांशु बंसल ने कहा कि हरियाणा के 10 सरकारी विश्वविद्यालयों और 180 सरकारी कॉलेजों में लाखों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिन्हें पिछले करीब 30 सालों से सीधे तौर पर अपने नेता चुनने का अधिकार नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में भजनलाल सरकार के दौरान आखिरी प्रत्यक्ष चुनाव हुए थे। 2018 में मनोहर लाल सरकार ने अप्रत्यक्ष चुनाव करवाए, लेकिन उनमें सभी छात्रों को मतदान का अधिकार नहीं दिया गया। बंसल ने इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया।

भाजपा की आलोचना और बहाना
बंसल ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद छात्रों को बहलाने के लिए चुनाव कराने का वादा करती रही, लेकिन कानून-व्यवस्था और माहौल खराब होने का बहाना बनाकर चुनाव टाल दिया गया। उनका कहना है कि छात्र राजनीति लोकतंत्र की नर्सरी है और इसे कमजोर करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसीलिए चुनाव नहीं करवाती क्योंकि उसे डर है कि छात्र राजनीति में उसे पर्याप्त समर्थन नहीं मिलेगा।

मांग और चेतावनी
दीपांशु बंसल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से तुरंत प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा के छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकेंगे और छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा पाएंगे। बंसल ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव जल्दी नहीं कराए गए, तो एनएसयूआई और अन्य छात्र संगठन प्रदेश में व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से सरकार पर तत्काल कार्रवाई का दबाव डाला।

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