
नायब सिंह सैनी
हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। ये सभी संदिग्ध तौर पर बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। पुलिस को इनके पास से बांग्लादेशी और कुछ भारतीय पहचान पत्र मिले हैं, जिससे इनकी अवैध घुसपैठ की पुष्टि हुई। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा है कि “हरियाणा में घुसपैठियों के लिए कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने इस मामले को लेकर देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा विषय बताया है।
अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त एक्शन
गुरुग्राम पुलिस ने जानकारी दी है कि यह कार्रवाई एक विशेष जांच अभियान के तहत की गई। अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, पुलिस ने विभिन्न इलाकों में घरेलू कामगारों, रेहड़ी-पटरी वालों, किरायेदारों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले लोगों की जांच की। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों पर शक हुआ और पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं और बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। उनके पास से फर्जी भारतीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने जानकारी दी कि इन व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं
इस कार्रवाई पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि- “हरियाणा में बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। बांग्लादेशियों को जल्द से जल्द प्रदेश से बाहर निकाला जा रहा है। भारत की संप्रभुता, एकता और संविधान के विरुद्ध कोई भी समझौता न हरियाणा में स्वीकार्य है, न देश में।” सीएम सैनी ने यह भी कहा कि देशहित उनके लिए सर्वोपरि है और इस तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे किसी भी विदेशी नागरिक की पहचान कर उसे देश से बाहर भेजा जाए।
ममता बनर्जी पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री सैनी ने इस मुद्दे को सियासी रंग देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला। उन्होंने ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि- “यह अत्यंत निंदनीय है कि एक मुख्यमंत्री तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के चलते इस हद तक गिर जाए कि वह देश की सुरक्षा से समझौता करने लग जाए। ममता बनर्जी का अवैध घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति दिखाना राष्ट्रीय हितों के सख्त खिलाफ है।” सैनी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर किसी तरह की सॉफ्ट पॉलिसी अपनाने को तैयार नहीं है और इसके खिलाफ सख्त रवैया जारी रहेगा।
राज्य में चल रहा विशेष अभियान
हरियाणा सरकार ने राज्यभर में अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन को लेकर अभियान तेज कर दिया है। पुलिस विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर नजर रख रही है जहां बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर या झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग रहते हैं। इस अभियान के अंतर्गत किरायेदार सत्यापन, श्रमिकों का रिकॉर्ड और पहचान पत्रों की वैधता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आने वाले हफ्तों में और तेज किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से समाप्त किया जा सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज और पहचान पत्र जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।
