हरियाणा बिजली निगम SE ने फतेहाबाद में ट्रांसफर के लिए नेताओं से फोन करवाने पर दी चेतावनी, कहा- ‘सख्त कार्रवाई होगी’

फतेहाबाद में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधीक्षण अभियंता (SE) एसएस रॉय ने ट्रांसफर के लिए राजनीतिक सिफारिशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक आधिकारिक पत्र जारी कर कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि कोई भी तबादला रुकवाने या करवाने के लिए किसी नेता से फोन करवाता है, तो उस पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि तबादले केवल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के आधार पर ही किए जाएंगे।
हरियाणा बिजली निगम SE ने फतेहाबाद में ट्रांसफर के लिए नेताओं से फोन करवाने पर दी चेतावनी, कहा- 'सख्त कार्रवाई होगी'

हरियाणा में सरकारी तबादलों में राजनीतिक दखलअंदाजी और सिफारिशों का चलन आम है, लेकिन अब इसके खिलाफ अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। फतेहाबाद में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधीक्षण अभियंता (SE) एस.एस. रॉय ने अपने अधीन काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने एक पत्र जारी कर साफ कहा ہے कि अगर किसी ने अपने ट्रांसफर या पोस्टिंग के लिए किसी नेता या प्रभावशाली व्यक्ति से सिफारिश करवाई तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

एसई रॉय नेताओं के फोन और सिफारिशों से इतने परेशान हो गए कि उन्हें यह लिखित आदेश जारी करना पड़ा। यह पत्र फतेहाबाद और टोहाना के कार्यकारी अभियंताओं (XEN) को भी भेजा गया है ताकि इसे सभी कर्मचारियों तक पहुंचाया जा सके।

ट्रांसफर ऑनलाइन पॉलिसी से, सिफारिश से नहीं

एसई की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निगम में ऑनलाइन ट्रांसफर नीति लागू है और किसी भी कर्मचारी का तबादला करने का अधिकार इस कार्यालय के पास नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर भी उनके कार्यालय से नहीं किया जा सकता।

पत्र में कहा गया है, ‘यह देखने में आया है कि कुछ कर्मचारी अपने स्थानांतरण आदेश रुकवाने या बदलवाने के लिए राजनीतिक अथवा प्रभावशाली सार्वजनिक व्यक्तियों से संपर्क कर रहे हैं, जो सरकार व निगम की नीतियों का सीधा उल्लंघन है।’

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

इस आदेश में हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 के नियम 26 का हवाला दिया गया है। इस नियम के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी सेवा से जुड़े मामलों, जैसे कि ट्रांसफर या पदोन्नति, के लिए किसी भी तरह के राजनीतिक या बाहरी प्रभाव का इस्तेमाल नहीं कर सकता।

अधिकारी ने अपने पत्र में चेतावनी दी, ‘यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने दोनों एक्सईएन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यह आदेश उनके अधीन काम करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचे।

नोटिस बोर्ड और WhatsApp पर भी लगाएं आदेश

आदेश के कड़ाई से पालन के लिए एसई ने निर्देश दिया है कि इस पत्र को सभी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए। इसके अलावा, इसे आधिकारिक WhatsApp ग्रुपों के माध्यम से भी सभी कर्मचारियों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी नियमों की अनदेखी करने का बहाना न बना सके। इस कदम से स्पष्ट है कि बिजली निगम अब ट्रांसफर-पोस्टिंग में किसी भी तरह की राजनीतिक सिफारिश को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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