हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को बड़ी राहत देते हुए आरक्षण के लिए वार्षिक आय सीमा बढ़ा दी है। अब ₹8 लाख तक की सालाना आय वाले परिवार भी EWS आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे। पहले यह सीमा ₹6 लाख प्रतिवर्ष थी।
मुख्य सचिव कार्यालय (CSO) की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है। यह निर्णय केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जिससे राज्य में EWS के दायरे में आने वाले परिवारों की संख्या बढ़ेगी।

किसे और कहां मिलेगा फायदा?
संशोधित आय सीमा राज्य में सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के साथ-साथ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए लागू होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आय सीमा में बदलाव के अलावा, 25 फरवरी, 2019 को जारी किए गए अन्य सभी दिशा-निर्देश पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
आवास नीति में भी मिलती है प्राथमिकता
हरियाणा सरकार ने EWS परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष आवास नीति भी लागू की है। इस नीति के तहत, हर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी में 20% प्लॉट और हर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में 15% फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहरी क्षेत्रों में भी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार बेहतर आवासीय सुविधाओं का हिस्सा बन सकें।
EWS के तहत मिलते हैं ये अन्य लाभ
हरियाणा में EWS प्रमाणपत्र धारकों को कई योजनाओं का लाभ मिलता है। इसमें सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण प्रमुख है। इसके अलावा, RTE के तहत मुफ्त शिक्षा, चिराग योजना के तहत वित्तीय सहायता और विभिन्न आवास योजनाओं में सब्सिडी का प्रावधान भी शामिल है।
EWS प्रमाणपत्र की वैधता एक वर्ष की होती है और इसे हर साल नवीनीकृत कराना पड़ता है। यह प्रमाणपत्र सामान्य वर्ग के उन परिवारों को जारी किया जाता है जिनकी आय निर्धारित सीमा के भीतर होती है। आय सीमा बढ़ने से अब और ज्यादा परिवार इन सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे।





