
एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान का मैच देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ विपक्ष इसका विरोध कर रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसके समर्थन में खड़ा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि खेल का अपना नियम होता है और यह मैच पाकिस्तान में नहीं बल्कि दुबई में हो रहा है। खट्टर ने साफ कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई स्थायी दुश्मनी नहीं है, बस कुछ शर्तें हैं जिन्हें मानना जरूरी है।
खेल का नियम और अनुशासन सबसे ऊपर
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दुनिया में खेल को लेकर अपना अनुशासन और नियम होता है। उन्होंने बताया कि यह मैच पाकिस्तान में नहीं बल्कि दुबई में हो रहा है, इसलिए इसे लेकर इतना विरोध नहीं करना चाहिए। खट्टर ने कहा कि खेल में भाग लेने वाली टीमें छोटी होती हैं – सिर्फ 11-11 खिलाड़ी। पूरे देश को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे खेल भावना बताया और कहा कि खेल को प्रोत्साहित करना गलत नहीं है। खेल के जरिये देशों के बीच संवाद बढ़ता है।
आतंकवाद को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की पाकिस्तान से कोई स्थायी दुश्मनी नहीं है, लेकिन शर्तें स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) को वापस लौटाने की मांग की जाएगी। अगर ये शर्तें मानी जाएं तो पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए जा सकते हैं। उन्होंने विपक्ष से भी कहा कि आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकें और यह समझें कि देश की सुरक्षा और नीति सबसे ऊपर है।
ऑपरेशन सिंदूर और देश की सुरक्षा का संदेश
खट्टर ने विपक्ष को जवाब देते हुए पहलगाम हमले का जिक्र किया और बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी बड़ी कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को साफ चेतावनी दी गई है कि आतंकवाद को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। खेल का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि 11 खिलाड़ियों का खेल है, इसलिए इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। खेल को प्रोत्साहन देना और साथ ही देश की सुरक्षा का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी शर्तों पर पड़ोसी देशों से संबंध बनाएगा।
