
CCHAU (चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय), हिसार – जहां खेतों की बातें होती हैं, वहीं अब हक की लड़ाई लड़ी जा रही है। स्कॉलरशिप को लेकर 50 दिन पहले जो समझौता हुआ था, वो अब छात्रों के लिए एक अधूरा वादा बन चुका है। इसी अधूरे वादे को पूरा करवाने के लिए छात्र एक बार फिर धरने पर बैठ गए हैं। विश्वविद्यालय का माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया है।
वादे अधूरे, नाराज़ छात्र फिर मैदान में
छात्रों का आरोप है कि सरकार के साथ 50 दिन पहले जो समझौता हुआ था, उसमें 8 मांगें शामिल थीं। लेकिन इनमें से कई पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण छात्रों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। उन्होंने एक बार फिर धरना शुरू कर दिया है और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि जब तक सभी मांगों पर अमल नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बार किसानों के कुछ संगठनों ने भी छात्रों का समर्थन किया है और धरने में शामिल हुए हैं।
टेबल मीटिंग से अचानक तनाव में बदला माहौल
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया कि छात्र बातचीत के लिए आए थे। रजिस्ट्रार डॉ. पवन कुमार ने कहा, “वे टेबल मीटिंग के लिए आए थे, लेकिन 20 मिनट के अंदर ही उनका व्यवहार उग्र हो गया।” छात्रों ने अचानक वीसी के आवास की ओर मार्च किया और वहां पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा अधिकारी और एक प्रोफेसर ने लाठीचार्ज किया, हालांकि यह फैसला उन्होंने खुद लिया, बिना किसी उच्च आदेश के।
पुलिस देर से पहुंची, विश्वविद्यालय ने जताई चिंता
डॉ. पवन कुमार ने कहा कि पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई थी, लेकिन वे समय पर नहीं पहुंचे। प्रशासन ने इस बात पर चिंता जताई कि अगर पुलिस समय रहते पहुंचती, तो हालात नियंत्रण में रहते। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के साथ है और बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है। लेकिन छात्रों का हिंसक व्यवहार अब प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
CM नायब सैनी के दौरे को लेकर सतर्क पुलिस
हिसार में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसलिए शहर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। धरने और मार्च को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस प्रशासन छात्रों और किसानों के संगठन से अपील कर रहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रखा जाए और बातचीत से हल निकाला जाए।
