58 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग कर्मचारियों की सेवाएं की जाएंगी समाप्त, वित्त विभाग ने जारी किया ये आदेश

हरियाणा के सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों जैसे संस्थाओं में कार्यरत उन सभी दिव्यांग कर्मचारियों, जिनकी आयु 58 वर्ष से ज्यादा हो चुकी है, उन्हें सेवामुक्त किया जाएगा।
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हरियाणा सरकार ने 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी दिव्यांग कर्मचारियों की सेवाएं तुरंत समाप्त (सेवानिवृत्त) करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने ‘हरियाणा राज्य सहकारी शीर्ष बैंक लिमिटेड चंडीगढ़ बनाम ओम प्रकाश राणा’ मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों को आधार बनाया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि कोई कर्मचारी अपनी निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु (सुपरन्यूएशन) प्राप्त कर चुका है, तो उसे अंतरिम आदेशों के बल पर सेवा में बनाए रखने का अधिकार नहीं है। इसी के साथ सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर चल रहे संशय को समाप्त कर दिया है।

26 जून 2026 को जारी आदेश में वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को सख्त लहजे में कहा है कि जो भी दिव्यांग कर्मचारी 58 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त किया जाए।

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी दिव्यांग कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे उनकी नियुक्ति की श्रेणी कुछ भी हो। जिन दिव्यांग कर्मचारियों ने 58 वर्ष की आयु पार कर ली है, उन्हें सेवा विस्तार का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। जो कर्मचारी 58 वर्ष की आयु के बाद भी काम कर रहे थे, वे सेवा लाभ (service benefits) जैसे वेतन आदि के हकदार तो हैं, लेकिन वे अब सेवा में बने रहने का दावा नहीं कर सकते।

गौरतलब है कि वित्त विभाग ने हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन करके दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति (Retirement) आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष कर दी थी यह नया नियम फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है। इसके बावजूद कई कर्मचारी अदालतों से स्टे या अंतरिम राहत लेकर 58 साल के बाद भी नौकरी कर रहे थे।

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Pooja Khodani
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