भोपाल।
कोरोना महामारी के बीच जनता के हित के लिए अब प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री चौहान से कुछ मांग की है। भाजपा विधायक शर्मा ने कहा है कि कोरोना संकटकाल में मध्यप्रदेश के विधायकों को भी अपने वेतन का 30% हिस्सा विपदा की घड़ी में मदद के लिए देनी चाहिए।
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भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना संकट से लड़ने के लिए जिस प्रकार सांसदों के वेतन में 30% की कटौती की गई है। मुझे ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश के सभी विधायकों को भी अपने वेतन से 30% वेतन इस विपदा की घड़ी में देने पर सहमति देनी चाहिए। विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह इस विचार पर निर्णय लें।
बता दें कि सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मोदी कैबिनेट की अहम बैठक में दो बड़े निर्णय लिए गए थे। जिसमें 1 साल तक सांसदों को 30% कम सैलरी दी जाएगी वहीं दूसरे फैसले में 2 साल के लिए एमपीएलएडी फंड को खत्म कर दिया जाएगा। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना से निपटने के लिए अपने साल भर के वेतन का 30% हिस्सा जनता की मदद के लिए देने का ऐलान किया था। वहीं मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से अपील भी की थी कि अपने खर्चों में कटौती कर कोरोना संकट से जूझने के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष को प्रदान करें।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।