डिंडोरी: शिक्षक की दरियादिली, कोरोना महामारी सहायतार्थ दी 42000 रुपये की आर्थिक मदद

डिंडोरी: शिक्षक की दरियादिली, कोरोना महामारी सहायतार्थ दी 42000 रुपये की आर्थिक मदद

डिंडोरी।प्रकाश मिश्रा

जहां एक ओर कोविड-19 कोरोना महामारी से संपूर्ण विश्वजगत जीवन मरण की स्थिति में संघर्ष कर रहा है, वहीं चिकित्सक, पुलिस, समाजसेवी, पैरामेडिकल स्टाफ, पत्रकार आदि कोरोना योद्धागण जन-जन तक पहुंचकर अपनी डयूटी के साथ समाजसेवा भी कर रहे हैं। ऐसे ही शहपुरा नगर के उत्साही ऊर्जावान युवा शिक्षक अश्विनी कुमार साहू पिता श्री टी.आर. साहू ने कोरोना वायरस महासंकट की गंभीरता को देखते हुए अपने माता पिता भ्राता से प्रेरित हो खुले हस्त सहयोग करते हुए मुख्यमंत्री आपदा सहायता कोष में दान हेतु 01 माह का सम्पूर्ण वेतन (42 हजार रुपये ) जिला परियोजना समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी को लिखित पत्र सौंपते हुए बहुमूल्य सहयोग कर समाज सेवा का अनुकरणीय और सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

ज्ञात हो कि माध्यमिक शिक्षक, जन शिक्षक शहपुरा में पदस्थ अश्विनी कुमार साहू हमेशा सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक्, खेल, पर्यावरण, स्वच्छता अभियान आदि महत्वपूर्ण जनजागृति की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं एवं सहयोग करते हैं। निश्चित रूप से उनका यह सहयोग पीड़ित मानवता के प्रति संवेदनशील, दानवीर और उदार हृदय का परिचायक है ।कोरोना वायरस लॉक डाउन अवधि में यथा संभव खाद्यान्न सामग्री व घर में बनवाकर सुरक्षा मास्क का वितरण भी निरंतर इनके द्वारा किया जा रहा है।

इनकी इस सराहनीय पहल पर जिला शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र मिश्रा, विकास खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह, बीआरसी जीपी साहू केकेअग्रवाल,वीरेंद्र गुप्ता,देवेंद्र दीक्षित अमर उलाड़ी अकाउंटेंट तेकाम आजाद अध्यापक शिक्षक संघ एवं इष्ट मित्रों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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