प्रदेश की सियासत में हंगामे के बीच होशंगाबाद में लगे ‘कमलनाथ से आज़ादी’ के नारे

प्रदेश की सियासत में हंगामे के बीच होशंगाबाद में लगे ‘कमलनाथ से आज़ादी’ के नारे

होशंगाबाद। होशंगाबाद जिला सहित जिले भर में सड़कों की बदहाल जर्जर हालात के खिलाफ आज भारतीय जनता युवा मोर्चा ने जिलाध्यक्ष प्रांशु राने के नेतृत्व में सतरस्ता पर विरोध प्रदर्शन किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने योजनाबद्व तरीके से दो भागों में बंटकर पुलिस को चकमा देकर पुतला जला दिया। जब तक पुलिस कुछ समझ पाती पुतला जल गया, बाद में जले हुए पुतले पर पानी डालकर पुलिस खानापूर्ति करती रही।

युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रांशु राने ने बताया कि जिले भर के नागरिक खराब सड़को से जूझ रहे हे। ग्रांमीण अंचलों में तो आये दिन इन खराब सड़को के कारण दुर्घटनायें हो रही है जिसमें होने वाली मौतों के कारण कई परिवार उजड़ रहें है। अगर कांग्रेस सरकार ने सड़को की स्थिति नही सुधारी तो पूरे जिले में इस आंदोलन को किया जायेगा।

इस आंदोलन में निक्की सूर्यवंशी, धरम संकत, हितेश पुरोहित, अर्पित मालवीय, विकास नारोलिया, सागर शिवहरे, गौरव नायक, सुमित सेनी, जयंत चौहान, प्रशांत तिवारी, प्रशांत दीक्षित, अंकित सैनी, प्रणव चौकसे, सुन्दरम, देव पटेल, श्यामू पटेल, राकेश गूजर बमोरी, राहुल पटेल, अंकित चौरे, विक्की पटेल, अर्पित मालवीय, आदित्य दुबे, राहुल वर्मा, चीनू गुप्ता, राम रजक, जतिन यादव, कमलेश मौर्य, अजय बाबरिया उपस्थित रहें।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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