नींबू और कपूर के उपयोग का ये आयुर्वेदिक नुस्खा देगा चमत्कारिक परिणाम, कई तरह के दर्द में तुरंत मिलेगा आराम!

benefits of lemon and camphor

Health News : आयुर्वेद को रोगों को दूर करने का खजाना कहा जाता है, इसमें ऐसी अनगिनत औषधियां हैं जो चमत्कारिक परिणाम देती हैं, खास बात ये है कि हम रोज मर्रा की लाइफ में भी बहुत से ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं जिनकी आयुर्वेदिक शक्तियों का अहसास हमें नहीं होता, आज हम ऐसी ही दो चीजों के बारे में आपको बताएँगे जिनका उपयोग चमत्कारिक परिणाम देता है …

नींबू और कपूर दो ऐसी वस्तुएं हैं जिनका उपयोग व्यक्ति नियमित करता है, नींबू खाने के स्वाद को बढ़ाता है तो कपूर पूजा में उपयोग होता है, इसकी शक्ति नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर फेंकती है, लेकिन जब ये दोनों मिलाकर उपयोग की जायें तो परिणाम बहुत आश्चर्यजनक होते हैं , इनका दिन में एक बार उपयोग शरीर के कई तरह के दर्द में बहुत लाभकारी होता है।

शरीर के कई प्रकार के दर्द को भगाने की रामबाण औषधि है नींबू और कपूर 

यदि किसी को घुटनों में पुराना दर्द हो, कमर का दर्द हो, गर्दन या रीड की हड्डी का दर्द हो या दबी हुई नस या अकड़ी हुई नस उन्हें तीखा दर्द देती है, या एड़ी में बहुत दर्द होता है तो उन्हें नींबू कपूर का उपयोग फायदा पहुंचा सकता है, इसके उपयोग से पैर में फटी एड़ियां और डैड स्किन रिमूव हो जाती है और पैर कोमल हो जाते हैं।

ऐसे करना है इसका इस्तेमाल 

आपको इसका इस्तेमाल करने के लिए डेढ़ से दो लीटर गुनगुना पानी लेना है उसमें एक सामान्य साइज के रस से भरपूर नींबू को काटकर आधा उसमें निचोड़ना है और फिर उसमें कपूर की तीन टिकिया को पीसकर मिलाना है, इस घोल के तैयार हो जाने के बाद  पांच से दस मिनट तक पैरों को इस पानी में डाल कर रखना है।

गुनगुने पानी में पैर डालते ही शरीर में दौड़ जायेगा करंट  

अब आप जैसे ही अपने पैर नींबू और कपूर युक्त पानी में डालेंगे आप महसूस करेंगे कि आपको पैर से सिर तक एक करंट सा लग गया है, आपको लगेगा कि आपके पैरों से लेकर सिर तक की सभी नसें खुल गई हैं,  इसका कारण यह है कि हमारे पैरों में 172 प्रकार के प्रेशर पॉइंट होते हैं, जो हमारे शरीर की सभी नसों के साथ जुडे होते हैं। यह नींबू और कपूर वाला गुनगुना पानी इन प्रेशर पॉइंट्स को खोल देता है, इससे शरीर की सारी नसें एकदम से री-एक्टिवेट हो जाती हैं ।

बहुत से तकलीफों में होता है फायदेमंद 

इस उपाय को दिन में एक बार पांच से दस मिनट तक करना है, ये सुबह, दोपहर या शाम कभी भी किया जा सकता है, इसे लगातार पांच दिन तक करने से बहुत फायदा होता है आप कुछ दिन के ब्रेक के बाद इसे रिपीट भी कर सकते हैं, इसका कोई साइड इफैक्ट नहीं है। ये उपाय बहुत ही सरल है लेकिन है बहुत लाभदायक , इससे न सिर्फ कमर, घुटने, गर्दन, रीड की हड्डी का दर्द को आराम मिलता है बल्कि ये माइग्रेन में भी लाभकारी है, पैरों में होने वाली झनझनाहट भी बंद हो जाएगी, नस चढ़ने की शिकायत भी दूर हो जाएगी।

Disclaimer : इस आलेख में दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी है इसका उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक या फिर विशेषज्ञ की राय अवश्य लें।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews