
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सोमवार को पुलिस विभाग से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में पुलिस कांस्टेबलों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 176 (1) के तहत विशेष मामलों की जांच का अधिकार देने को मंजूरी दी गई। इससे अब योग्य कांस्टेबल छोटे मामलों में जांच कर सकेंगे, जिससे पुलिस व्यवस्था और अधिक सक्षम होगी। यह निर्णय न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और छोटे अपराधों के निपटारे में तेजी लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सरकार ने तय किया है कि केवल वही कांस्टेबल इस श्रेणी में शामिल होंगे जिनके पास स्नातक की डिग्री होगी, कम से कम सात साल की सेवा पूरी कर चुके होंगे, छह सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होंगे और निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण की होगी। साथ ही, उन पर कोई विभागीय जांच लंबित नहीं होनी चाहिए। ऐसे पात्र कांस्टेबल अब उन मामलों की जांच कर सकेंगे, जिनमें अधिकतम तीन साल की सजा या फिर केवल जुर्माने का प्रावधान है। सरकार का मानना है कि इस कदम से छोटे मामलों में तेजी से जांच पूरी होगी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को गंभीर अपराधों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।
हिमाचल मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला
बैठक में पुलिस बल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अन्य फैसले भी लिए गए। मंत्रिमंडल ने सोलन जिले के परवाणू और धर्मपुर पुलिस थानों में विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को भरने की स्वीकृति दी है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी, जिससे यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे पुलिसिंग और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ेगा तथा आम जनता को त्वरित सेवाएं मिलेंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पुलिसिंग को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव डालेगा। छोटे मामलों की जांच में तेजी से निपटारा होने से न्याय की प्रक्रिया भी सरल होगी। वहीं, परवाणू और धर्मपुर में नए पदों के भरने से वहां के पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त बोझ से राहत मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा एवं सुविधा का लाभ मिलेगा।
